जयपुर में जल्द स्थापित होगा डेटा सेंटर: अश्विनी वैष्णव

जयपुर में जल्द स्थापित होगा डेटा सेंटर: अश्विनी वैष्णव

जयपुर में जल्द स्थापित होगा डेटा सेंटर: अश्विनी वैष्णव
Modified Date: January 6, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: January 6, 2026 7:13 pm IST

जयपुर, छह जनवरी (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि जयपुर में जल्द डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के विनिर्माण के लिए 5,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की घोषणा भी की।

वैष्णव ने यहां ‘एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर’ में आयोजित ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट’ के समापन सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कृत्रिम मेधा (एआई) का सूचकांक जारी किया है, जिसमें भारत को शीर्ष तीन देशों में जगह मिली है। यह देश के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन, अमरीका और भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल हैं। भारत का सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी ताकत है। उसमें राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका है। ऐसे में आईटी उद्योग को इस नए युग के लिए तैयार करना, नई प्रौद्योगिकी के लिए सक्षम बनाना और छात्रों को इस उद्योग के लिए तैयार करना बहुत बड़ी भूमिका है।’’

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उन्होंने कहा, ”आज 10 लाख नौजवानों को एआई कौशल में प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम राजस्थान से आरंभ हुआ है। इसका लाभ देश के सभी नौजवानों को मिलेगा।’’

वैष्णव ने कहा,”इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के विनिर्माण के लिए 5000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। लघु उद्योग भारती, सीआईआई और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का सबसे बड़ा संगठन आईसीई मिलकर इस कार्यक्रम को तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा जयपुर में जल्द डेटा सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।’’

उन्होंने राजस्थान में एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस नीति से राजस्थान को बहुत लाभ मिलेगा और आने वाले समय में राज्य बहुत बड़ा प्रौद्योगिकी केंद्र बनेगा।

रेल मंत्रालय का भी दायित्व संभालने वाले वैष्णव ने कहा,”सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक नया रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसका काम चल रहा है। बीकानेर से जैसलमेर होते हुए भीलड़ी तक रेलवे का काम चल रहा है।’’

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रदेश में तकनीकी स्टार्टअप का बेहतर परिवेश विकसित करने के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेश से आगे बढ़कर एआई में अग्रणी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘एआई हमारी डिजिटल यात्रा का अगला चरण है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की गई है।’

शर्मा ने कहा, ”इस नीति से सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और नवाचार-आधारित आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।’’

हाल ही में आयोजित ‘राजस्थान वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन’ के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए थे जिनमें से आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर आने लगी हैं।

भाषा

बाकोलिया

रवि कांत रमण प्रेम

प्रेम


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