चंडीगढ़, तीन मार्च (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य के ऋण से सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) अनुपात को चार प्रतिशत घटाकर 44.47 प्रतिशत पर ला दिया है।
चीमा ने यह भी दावा किया कि सरकार द्वारा लिए जा रहे कुल ऋण का 85 प्रतिशत हिस्सा पिछली शिरोमणि अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस सरकारों द्वारा लिए गए पुराने कर्ज को चुकाने में खर्च किया जा रहा है।
विपक्ष द्वारा बढ़ते ऋण को लेकर किए जा रहे हमलों को खारिज करते हुए चीमा ने पिछली सरकारों पर राज्य को ऋण के जाल में धकेलने का आरोप लगाया।
वित्त मंत्री ने 16 मार्च को सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2022 में सत्ता संभालने के समय राज्य पर तीन लाख करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार ने इस कर्ज के मूल धन का 35 प्रतिशत और ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस कर दिया है।
राजस्व संग्रह के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए चीमा ने बताया कि पिछले चार वर्षों में आप सरकार ने 83,739 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह किया है, जबकि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में यह आंकड़ा 61,286 करोड़ रुपये था।
उन्होंने बताया कि इसी तरह आबकारी राजस्व के मामले में भी मौजूदा सरकार ने 37,975 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो अकाली-भाजपा और कांग्रेस शासन के क्रमशः 20,545 करोड़ और 27,395 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऋण से जीएसडीपी अनुपात को 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत करना राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
भाषा योगेश अजय
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