ईवी अपनाने में दिल्ली फिर आगे निकली, महाराष्ट्र-कर्नाटक शीर्ष तीन में शामिल

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ईवी अपनाने में दिल्ली फिर आगे निकली, महाराष्ट्र-कर्नाटक शीर्ष तीन में शामिल

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 07:34 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 07:34 PM IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को अपनाने के मामले में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। नीति आयोग की तरफ से जारी सूचकांक में महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहा।

नीति आयोग की ‘इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025’ रिपोर्ट में दिल्ली को 84 अंक मिले। इसमें महाराष्ट्र 78 अंक के साथ दूसरे, कर्नाटक 73 अंक के साथ तीसरे, चंडीगढ़ 71 अंक के साथ चौथे और गोवा 65 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।

बड़े राज्यों में महाराष्ट्र और कर्नाटक का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में मणिपुर शीर्ष पर रहा। केंद्रशासित प्रदेशों और शहरी राज्यों में दिल्ली, चंडीगढ़ और गोवा ने अपने समकक्षों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।

यह सूचकांक परिवहन के विद्युतीकरण, चार्जिंग बुनियादी ढांचे की तैयारी तथा ईवी अनुसंधान एवं नवाचार क्षेत्रों के आधार पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इलेक्ट्रिक परिवहन की प्रगति का आकलन करता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहन सुविधाओं के विद्युतीकरण में दिल्ली, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र शीर्ष प्रदर्शन वाली श्रेणी में रहे, जबकि 36 में से 14 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश ‘आकांक्षी’ श्रेणी में हैं। चार्जिंग बुनियादी ढांचे की तैयारी में कर्नाटक 97 अंक के साथ देश में सबसे आगे रहा।

वर्ष 2024 की तुलना में दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और चंडीगढ़ शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में बने रहे, जबकि मध्य प्रदेश की रैंकिंग 23वें स्थान से काफी सुधरकर सातवें स्थान पर पहुंच गई।

नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अमेरिका में नई कारों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी करीब एक-दसवां, यूरोपीय संघ में एक-चौथाई से अधिक और चीन में आधे से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इन हिस्सेदारियों के और बढ़ने की उम्मीद है।

गौबा ने पश्चिम एशिया संकट को इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि यह उसी तरह बदलाव का बिंदु बन सकता है, जिस तरह 1970 के दशक के तेल संकट ने ईंधन दक्षता बढ़ाने की वैश्विक कोशिशों को तेज किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 29 अब इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां अधिसूचित कर चुके हैं। पिछले एक साल में सूचकांक का सर्वोच्च स्कोर 77 से बढ़कर 84 और मध्य स्कोर 36 से बढ़कर 40 हुआ है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय