पटना, 16 सितंबर (भाषा) बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को कहा कि विशेष अभियान के दौरान जमाबंदी सुधार के लिए यदि स्थल पर मापी की आवश्यकता पड़ती है तो रैयत को न तो अलग से आवेदन देना होगा और न ही कोई मापी शुल्क देना होगा।
जायसवाल ने यहां जारी बयान में कहा कि विभाग विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सहायता से आवश्यकतानुसार निःशुल्क मापी कराएगा जिसका उद्देश्य जमाबंदी को मूल अभिलेखों और वास्तविक स्थल स्थिति के अनुरूप शुद्ध एवं अद्यतन करना है।
उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार के लिए आम रैयत पर किसी अतिरिक्त प्रक्रिया या शुल्क का बोझ नहीं डाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल जमाबंदी में सुधार करना नहीं, बल्कि उसे शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
मंत्री ने अधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में पूरी गंभीरता के साथ चलाने का निर्देश दिया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, 15 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले ‘जमाबंदी अद्यतीकरण एवं नामांतरण-उत्तराधिकार विशेष अभियान’ के तहत प्रत्येक अंचल में डिजिटलीकृत जमाबंदी का रजिस्टर-दो की स्कैन प्रति से मिलान किया जाएगा। रैयत के नाम, पिता के नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान तथा अन्य विवरणों में अंतर मिलने पर नियमानुसार सुधार किया जाएगा। शून्य रकबा, शून्य लगान और अनुपलब्ध सूचनाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा।
विभाग ने बताया कि जिन मामलों में अभिलेखों के सत्यापन के दौरान स्थल की स्थिति स्पष्ट करने के लिए मापी आवश्यक होगी, वहां विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सहायता ली जाएगी। उसने कहा कि संबंधित रैयत को इसके लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी और विभागीय स्तर पर निःशुल्क मापी कराई जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि, जल निकाय, सीलिंग जमाबंदी, न्यायालय में लंबित विवाद अथवा मूल अभिलेख और स्थल की स्थिति में गंभीर विरोधाभास वाले मामलों में समुचित जांच के बिना नामांतरण नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान मृत जमाबंदीदारों की पहचान संबंधित हलका क्षेत्र के राजस्व कर्मचारी करेंगे।
उन्होंने वैध उत्तराधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर अंचल अधिकारी को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके बाद उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि निर्विवाद मामलों में 14 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद आदेश पारित कर सुधार पर्ची जारी की जाएगी तथा जमाबंदी और लगान मांग को अद्यतन किया जाएगा।
भाषा कैलाश राजकुमार
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