नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि भारत की अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का विकसित होता पावर खेल और स्पिनरों के खिलाफ उनका दबदबा युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम कर सकता है क्योंकि महिला टी20 क्रिकेट तेजी से बदल रहा है।
बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति हाल में संपन्न एशिया कप में सभी प्रारूपों में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंची थीं। उन्होंने हांगकांग के खिलाफ शतक के दौरान यह उपलब्धि हासिल की और दिग्गज मिताली राज को पीछे छोड़ा।
अंजुम ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह देखना बहुत अच्छा है कि पिछले दो-ढाई वर्षों में उसने अपने पावर खेल पर किस तरह काम किया है। वह जिस आसानी और आत्मविश्वास के साथ गेंद को सीमा रेखा के पार भेज पा रही है उसे देखना बहुत सुखद है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पहले हम इस बारे में चर्चा करते थे कि खिलाड़ियों में सुधार कैसे लाया जा सकता है। मेरा मानना है कि इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है, विशेषकर मध्यक्रम में खेलने वाले खिलाड़ी या टीम में आने वाले युवा खिलाड़ी के लिए।’’
अंजुम युवा भारतीय स्पिनर श्री चरणी में आए सुधार से भी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि उनकी निरंतरता ने उन्हें दीप्ति शर्मा और स्मृति के साथ भारत की मैच विजेताओं में शामिल कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं श्री चरणी से बहुत प्रभावित हूं। खासकर यह देखते हुए कि उन्होंने 2025 की शुरुआत कहां से की थी। टीम में आने के बाद से वह लगातार बेहतर होती गई हैं।’’
अंजुम ने कहा, ‘‘आप श्री चरणी को देखें कि उसके प्रदर्शन में कितनी निरंतरता रही है। इंग्लैंड में अपनी पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में 10 विकेट लिए और शृंखला की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं। इसके बाद वह दोबारा इंग्लैंड गईं और विश्व कप खेला जहां उन्होंने 14 विकेट लिए।’’
एशिया कप ट्रॉफी को लेकर गतिरोध ने पिछले साल के पुरुष महाद्वीपीय टूर्नामेंट की स्थिति की याद दिला दी जब भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख भी हैं।
हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप खिताब जीता लेकिन खिलाड़ी टूर्नामेंट के बाद होने वाले पुरस्कार समारोह के लिए मैदान पर नहीं आईं।
अंजुम के लिए यह कदम अप्रत्याशित नहीं था क्योंकि दोनों पक्षों ने काफी पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगी कि किसी को ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था। भारतीय टीम या बीसीसीआई का रुख बिल्कुल स्पष्ट था। मौजूदा एसीसी अध्यक्ष को मंच पर खड़े होने का पूरा अधिकार है। वह अध्यक्ष हैं और वहां बाकी सभी लोग भी मौजूद थे।’’
अंजुम ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उस समय किसी को अनुचित तरीके से वह करने के लिए मजबूर किया गया जो वे कर रहे थे।’’
भाषा सुधीर आनन्द
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