नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने शहरी विकास, परिवहन, शिक्षा और यमुना पुनरुद्धार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए अपने बजट आवंटन में संशोधन किया है। अब यह राशि 28,115 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30,248 करोड़ रुपये कर दी गई है।
वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2025-26 वित्त वर्ष के लिए विधानसभा में पूरक अनुदान मांग पेश की, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया।
संशोधित अनुमान (आरई) के अनुसार, वित्त 2025-26 के लिए योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के कुल आवंटन 59,300 करोड़ रुपये के बजटीय अनुमान (बीई) से घटाकर 57,850 करोड़ रुपये किया गया है। वहीं पूंजीगत व्यय 28,115 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30,248 करोड़ रुपये कर दिया गया।
दिल्ली सरकार के दस्तावेज के अनुसार, परिवहन क्षेत्र का संशोधित आवंटन 12,952 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16,024 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, शिक्षा क्षेत्र का आवंटन 19,291 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,702 करोड़ रुपये कर दिया गया, जिससे इसका हिस्सा कुल एक लाख करोड़ रुपये के बजट का 21 प्रतिशत हो गया।
आवास और शहरी विकास क्षेत्र के संशोधित अनुमान 10,694 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11,754 करोड़ रुपये कर दिए गए हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के लिए आवंटन 2,929.66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,046.66 करोड़ रुपये किया गया। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए राशि 10,397 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11,428 करोड़ रुपये कर दी गई है।
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के लिए 2,500 करोड़ रुपये का ऋण 3,500 करोड़ रुपये कर दिया गया, जबकि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) का आवंटन 2,780 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,433 करोड़ रुपये किया गया है।
बिजली वितरण कंपनियों को दी जाने वाली सब्सिडी 3,600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 4,000 करोड़ रुपये कर दी गई।
भाषा
योगेश रमण
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