मुंबई: Makar Sankranti 2026 के मौके पर देश की करोड़ों महिलाओं को बड़ी सौगात मिलने की चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से जिस योजना की किस्त का इंतजार किया जा रहा है, उसे लेकर एक बार फिर उम्मीदें जगी हैं। लाभार्थी महिलाएं बीते कई हफ्तों से अपने खातों में पैसे आने की राह देख रही हैं। इस महीने जब रकम आई तो वह भी उम्मीद से कम निकली, सिर्फ 1500 रुपये। बताया गया कि यह नवंबर महीने की किस्त थी। इसके बाद सवाल और गहरा गया कि आखिर दिसंबर और जनवरी की राशि कब मिलेगी। अब जो संकेत मिल रहे हैं, उनके मुताबिक 14 जनवरी यानी Makar Sankranti 2026 के दिन महिलाओं के खाते में एक साथ बड़ी रकम ट्रांसफर हो सकती है।
यह पूरा मामला महाराष्ट्र से जुड़ा है, जहां मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी “माझी लाडकी बहिण योजना” के तहत 2.5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। इसी राज्य में अगले कुछ दिनों में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, जिस वजह से इस योजना की किस्त को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल और तेज हो गई है। स्थानीय चुनावों में मैदान में उतरी एक सत्तारूढ़ दल की उम्मीदवार ने दावा किया है कि 14 जनवरी को पात्र महिलाओं के खाते में दिसंबर और जनवरी, दोनों महीनों की किस्त एक साथ, यानी कुल Makar Sankranti 2026 के दिन 3000 रुपये जमा किए जा सकते हैं।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी वजह से लाभार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक ओर जहां चुनाव से पहले राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अड़चनों की बात भी सामने आ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि योजना की किस्त में देरी संभव है। उनका तर्क है कि फिलहाल चुनाव आचार संहिता लागू है और जब तक यह खत्म नहीं होती, तब तक फंड रिलीज करने में तकनीकी और कानूनी बाधाएं आ सकती हैं।
गौरतलब है कि नवंबर महीने की किस्त भी काफी देर से महिलाओं के खातों में पहुंची थी। पहले यह कहा जा रहा था कि नवंबर और दिसंबर की राशि एक साथ दी जाएगी, लेकिन अंततः सिर्फ 1500 रुपये ही ट्रांसफर किए गए। इससे लाभार्थी महिलाओं की निराशा बढ़ गई। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि 14 जनवरी को वास्तव में पैसा आएगा या नहीं, और अगर आएगा तो पूरी 3000 रुपये की रकम मिलेगी या फिर एक और आंशिक भुगतान किया जाएगा।
इस बीच सरकार की ओर से eKYC को लेकर सख्ती भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है। लाभार्थियों को eKYC पूरी करने के लिए पहले ही निर्देश दिए गए थे और इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर तय की गई थी। माना जा रहा है कि तय समयसीमा के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं eKYC प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाईं। ऐसी महिलाओं के खातों में योजना की अगली किस्त रोकी जा सकती है। खास बात यह है कि 31 दिसंबर के बाद eKYC की तारीख नहीं बढ़ाई गई और अब पोर्टल से यह विकल्प भी हटा दिया गया है।