अगले वित्त वर्ष में 6.8-7.2 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य पाना संभवः डेलॉयट अर्थशास्त्री

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अगले वित्त वर्ष में 6.8-7.2 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य पाना संभवः डेलॉयट अर्थशास्त्री

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 08:26 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्थिक समीक्षा 2025-26 में अगले वित्त वर्ष के लिए 6.8-7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य भारत की आर्थिक मजबूती को देखते हुए हासिल किया जा सकता है लेकिन अमेरिका के साथ व्यापार समझौता पूरा करने की सुस्त रफ्तार सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई है।

मजूमदार ने कहा कि आर्थिक समीक्षा के लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं के अनुमान से अधिक महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन यह आत्मविश्वास घरेलू मांग, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और सुधारों के मिश्रित असर पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा वृद्धि रफ्तार कर सुधार, मौद्रिक नीति में छूट और श्रम संहिता जैसे सुधारों का नतीजा है।

हालांकि, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता समय पर न हो पाने पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और सेवाओं के निर्यात पर निर्भरता बनी हुई है।

मजूमदार ने कहा, ‘‘ऐसे में यदि इस क्षेत्र में कोई व्यवधान आता है तो वृद्धि अनुमान प्रभावित हो सकता है।’’

उन्होंने रुपये के मूल्य और भारत की आर्थिक मूलभूत स्थितियों के बीच असंगति की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि वर्तमान खाते का घाटा कम, मुद्रास्फीति न्यूनतम और राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत तक नियंत्रित है, लेकिन फिर भी रुपये के मूल्य में गिरावट जारी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि रुपये की कीमत में गिरावट से वाहनों और शराब पर मिल रहे शुल्क लाभ जैसे व्यापार समझौतों के लाभ घट सकते हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय