Bijapur Naxalites Encounter, image source : ibc24
Bijapur News: बीजापुर जिले के दक्षिण क्षेत्र अंतर्गत थाना पामेड़ के कावरगट्टा–गुंडराजगुडे़म जंगल पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी कैडर मारे गए। Two Maoist cadres killed, मुठभेड़ स्थल से उनके शव बरामद किए गए हैं। (Bijapur Naxalites Encounter) मारे गए माओवादियों की पहचान ACM प्रदीप उर्फ जोगा (इनामी ₹5 लाख) और PM भीमा वेको (इनामी ₹2 लाख) के रूप में हुई है। दोनों पामेड़ एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य थे।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि माओवादियों की उपस्थिति की विशिष्ट आसूचना के आधार पर 28 जनवरी की संध्या को DRG, बस्तर फाइटर्स एवं CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। (Bijapur Naxalites Encounter) 29 जनवरी की सुबह लगभग 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार फायरिंग होती रही।
फायरिंग थमने के बाद सर्च के दौरान दो वर्दीधारी माओवादियों के शव मिले। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई है। (Bijapur Naxalites Encounter) बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि मारे गए दोनों माओवादी कई हिंसक घटनाओं में संलिप्त थे, जिनमें कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या भी शामिल है। क्षेत्र में अतिरिक्त बलों के साथ सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।
वहीं आज कांकेर नारायणपुर बॉर्डर पर नक्सलियों के द्वारा जवानों को नुकसान पहुंचाने बड़ी साजिश रची थी लेकिन जवानों की सतर्कता से नक्सलियों ने नापाक मंसूबे नाकाम हो गए है। जवानों ने कल्पर और मोदेमरका से 9 नग आईईडी बरामद की है। जिसे जवानों ने मौके पर ही ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर दिया है। मौके से भारी मात्रा में फटाखे, इलेक्ट्रिक वायर समेत अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। मामला छोटे बेतिया थाना क्षेत्र का है।
नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम नक्सल गश्त पर रवाना हुई थी, इसी दौरान मोदेमरका के नदी के किनारे नक्सलियों के द्वारा आईईडी प्लांट किए जाने की सूचना पर जवानों ने सावधानी से सर्च ऑपरेशन चलाया और मौके से 3 नग आईईडी बरामद की, जिसे मौके पर ही ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर दिया गया। इसके बाद सर्चिंग के दौरान कल्पर के जंगलों में भी जवानों ने 5- 5 किलो की 6 नग आईईडी बरामद की है, जिसे भी निष्क्रिय कर दिया गया है।
विदित हो कि कल्पर के जंगलों में ही 2024 में जवानों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया था। जिले में लगातार जारी नक्सल विरोधी अभियान से नक्सलियों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है, नक्सलियों के अधिकाशं बड़े लीडर या तो मारे जा चुके है या सरेंडर कर चुके है, पुलिस के अनुसार इलाके में 20 से 25 नक्सलियों की एक टीम मौजूद है, जिनकी तलाश में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे है, घटती साख से बौखलाए नक्सली जवानों को निशाना बनाने आईईडी का सहारा ले रहे है, लेकिन जवानों की सतर्कता के आगे नक्सली नाकाम साबित हुए है।