दिवाली से पहले भारतीय खाद्य उत्पादों के निर्यात की मांग में तेजी

दिवाली से पहले भारतीय खाद्य उत्पादों के निर्यात की मांग में तेजी

दिवाली से पहले भारतीय खाद्य उत्पादों के निर्यात की मांग में तेजी
Modified Date: September 17, 2026 / 05:46 pm IST
Published Date: September 17, 2026 5:46 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) दिवाली से पहले भारत से खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्यात की मांग में सकारात्मक रुख दिख रहा है और अंतरराष्ट्रीय खरीदार पारंपरिक भारतीय खाद्य तथा तुरंत खाए जा सकने वाले उत्पादों में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उद्योग निकाय टीपीसीआई के एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी है।

ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि त्योहारों के मौसम में पारंपरिक मिठाइयों, नमकीन, चावल, मसालों, अचार, घी, दालों और भारत में आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बनी हुई है।

सर्वेक्षण में मांग का सकारात्मक परिदृश्य सामने आया है। इसमें औसत वृद्धि करीब छह प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि कई खरीदारों को पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

तुरंत खाए जा सकने वाले (रेडी-टू-ईट) और पके हुए खाद्य उत्पादों का निर्यात 2025-26 में 16 प्रतिशत बढ़कर 2.4 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 2.1 अरब डॉलर था।

टीपीसीआई ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए फ्रोजन स्नैक्स, तैयार भोजन, ‘फेस्टिव मिक्स’, ‘इंस्टेंट मिक्स’, करी, भारतीय ब्रेड, नमकीन, पके हुए चावल और लंबे समय तक खराब न होने वाले सुविधाजनक खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में अवसर खुलते हैं।

टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि त्योहारों के मौसम में मांग के संकेत भारत के खाद्य निर्यातकों के लिए उत्साहजनक हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक भारतीय उत्पादों मसलन मिठाइयों, नमकीन, चावल, मसालों और अचार की मांग के साथ-साथ ‘रेडी-टू-ईट’ और ‘रेडी-टू-कुक’ खाद्य उत्पादों का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है।

खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) क्षेत्र भारत के त्योहारों से जुड़े खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। कुवैत, ओमान और बहरीन में आयातकों तथा वितरकों ने पारंपरिक मिठाइयों, सूखे मेवों, नमकीन, चावल, मसालों, घी, अचार और सुविधाजनक खाद्य उत्पादों की लगातार खरीद की सूचना दी है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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