बिजली उत्पादकों ने कहा, टानजेडको बकाया चुकाने में भारी छूट की कर रही मांग; हस्तक्षेप करे सरकार

बिजली उत्पादकों ने कहा, टानजेडको बकाया चुकाने में भारी छूट की कर रही मांग; हस्तक्षेप करे सरकार

बिजली उत्पादकों ने कहा, टानजेडको बकाया चुकाने में भारी छूट की कर रही मांग;  हस्तक्षेप करे सरकार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: December 15, 2020 11:22 am IST

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) बिजली उत्पादों के संगठन (एपीपी) ने तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन कॉरपोरेशन लि. (टानजेडको) के मामले में केंद्रीय विद्युत मंत्री आर के सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि टानजेडको स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) से लंबित बकाये के भुगतान में भारी छूट की मांग कर रही है।

एपीपी ने मंत्री को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि केंद्र की वितरण कंपनियों को नकदी डालने की योजना को क्रियान्वित कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी को यह निर्देश भी दिया जाना चाहिए कि वे आईपीपी, केंद्रीय बिजली उत्पादक इकाइयों और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के भुगतान के लिये एक साथ कोष जारी करे।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने मई में बिजली वितरण कंपनियों के लिये 90,000 करोड़ रुपये की नकदी डाले जाने की योजना की घोषणा की थी ताकि वे बिजली उत्पादक कंपनियों के बकाये का भुगतान कर सके। बाद में इस राशि को बढ़ाकर 1.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया।

एपीपी ने सोमवार को मंत्री को लिखे पत्र में मामले में जल्दी कदम उठाने और गतिरोध को दूर करने में कार्यवाही का आग्रह किया है।

पत्र में संगठन ने लिखा है, ‘‘केंद्रीय बिजली उत्पादक इकाइयों और आईपीपी के सभी लंबित बकायों, चाहे वे परंपरागत या नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक हों, नकदी उपाय के तहत वितरण के लिये एक साथ उपलब्ध कराये जाने चाहिए।’’

पिछले महीने, एपीपी ने वितरण कंपनियों के लिये नकदी डाले जाने की योजना के संदर्भ में मंत्री को सूचित किया था कि टानजेडको व्यक्तिगत तौर पर स्वतंत्र बिजली उत्पादकों पर दबाव डाल रही है और लंबित बकाये को लेकर भारी छूट स्वीकार करने को कह रही है।

पत्र के अनुसार तमिलनाडु को बिजली की आपूर्ति करने वाले आईपीपी से नकदी डाले जाने की योजना के तहत लंबित बकाये के भुगतान को लेकर देरी से भुगतान अधिभार (एलपीएस) पर 50 प्रतिशत और लंबित निश्चित शुल्क के मामले में 20 प्रतिशत छूट की मांग की जा रही है।

टानजेडको ने केंद्रीय बिजली उत्पादक इकाइयों के लिये कोष जारी करने को कहा है। उसने कहा है कि आईपीपी के साथ बिलों को लेकर सुलह पर काम जारी है।

एपीपी ने कहा है, ‘‘…यह टानजेडको का आईपीपी पर दबाव डालने का एक प्रयास है ताकि वे उनकी मांगों को स्वीकार कर ले। अगर पीएफसी/आरईसी इसके लिये तैयार हो जाती है, आईपीपी पर दबाव बढ़ेगा क्योंकि राज्यों के साथ मोल-तोल की उनकी क्षमता सीमित है…।’’

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर


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