डीजीजीआई नागपुर ने दिल्ली एनसीआर में जीएसटी के नकली बिल बनाने के गिरोह का भंडाफोड़ किया

डीजीजीआई नागपुर ने दिल्ली एनसीआर में जीएसटी के नकली बिल बनाने के गिरोह का भंडाफोड़ किया

डीजीजीआई नागपुर ने दिल्ली एनसीआर में जीएसटी के नकली बिल बनाने के गिरोह का भंडाफोड़ किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:21 pm IST
Published Date: March 12, 2021 3:45 pm IST

नागपुर, 12 मार्च (भाषा) नकली बिलों के खिलाफ जारी अभियान के तहत जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) की नागपुर इकाई ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की 11 इकाइयों के खिलाफ यह तलाशी अभियान इस माह के पहले सप्ताह के दौरान चलाया गया। इन कंपनियों ने महाराष्ट्र स्थित कंपनियों को नकली आपूर्ति की थी।

डीजीजीआई नागपुर ने एक वक्तव्य में कहा कि जिन 11 इकाइयों के खिलाफ यह तलाशी अभीयान चलाया गया वह घोषित पते पर नहीं पाई गईं। इन पतों पर धार्मिक स्थल पाये गये या फिर ऐसे व्यक्ति के पते थे जिनका कंपनियों से कोई लेना देना नहीं है।

इस प्रकार के पहले नकली बिलों के नेटवर्क में एनसीआर स्थित 11 में से छह कंपनियों ने नासिक और धुले स्थित कंपनियों के साथ माल का फर्जी लेनदेन किया। इनमें से चार ने दूसरी कंपनियों के साथ एक ही स्थायी खाता संख्या (पैन) को साझा किया।

राष्ट्रीय राजधनी स्थित इन 10 कंपनियों ने खुद 315.65 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी पूर्ण इनपुट टैक्स क्रेडिट को हासिल किया और इसमें से कुछ हिस्सा नासिक और धुले स्थित इकाइयों को भेज दिया।

इसी प्रकार के फर्जी बिल नेटवर्क के एक अन्य मामले में एनसीआर स्थित कंपनी ने बिना किसी पत्राचार के 145.69 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) आगे भेजा। इसमें से एक बड़ा हिस्सा उसी पहले नेटवर्क को भेज दिया गया जिन्होंने इसे वापस नासिक और धुले स्थित कंपनियों को भेज दिया।

इस प्रकार इन दो प्रमुख फर्जी बिलों के नेटवर्क में 11 एनसीआर स्थिति कंपनियों ने नासिक, धुले और एनसीआर के बीच कुल 2,563 करोड़ रुपये का लेनदेन दिखाते हुये 461.34 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लाभ हासिल किया।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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