डिग्निटी बिल्डकॉन दिवाला मामले में एक्सपेरियन डेवलपर्स को अदालत से राहत नहीं
डिग्निटी बिल्डकॉन दिवाला मामले में एक्सपेरियन डेवलपर्स को अदालत से राहत नहीं
गुरुग्राम, 28 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुग्राम की एक्सपेरियन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके साथ जुड़े याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार कर दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने अपने खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को रद्द करने का आग्रह किया था।
न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने शुक्रवार को जांच पर रोक लगाने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
जांच अभी शुरुआती दौर में है, इस बात को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि वह दोनों पक्षों की पूरी बात सुने बिना जांच पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि अदालत ने जांचकर्ताओं को चार सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई (जैसे गिरफ्तारी या पूछताछ) न की जाए, लेकिन अदालत ने यह राहत भी देने से इनकार कर दिया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस याचिका के लंबित रहने से याचिकाकर्ता अन्य उचित कानूनी उपाय अपनाने से नहीं रोके जाएंगे।
यह मामला डिग्निटी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की दिवाला प्रक्रिया से जुड़ा है। इस कंपनी के पास गुरुग्राम के सेक्टर-62, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर करीब 9.1 एकड़ की जमीन है, जिसकी कीमत 630 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में धन शोधन की जांच कर रहा है और इस संपत्ति को पहले ही जब्त कर चुका है। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या एक्सपेरियन डेवलपर्स ने इस संपत्ति को कम कीमत पर हासिल करने के लिए दिवाला प्रक्रिया में गड़बड़ी की।
आरोप है कि कंपनी ने संबंधित कंपनी और जमीन को केवल एक रुपये जमा 47 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय ऋण पत्र के जरिए हासिल कर लिया। यह भी आरोप है कि कंपनी ने अपनी जुड़ी इकाइयों के माध्यम से करीब 445 करोड़ रुपये के लेनदेन में हेरफेर की।
आरोप है कि एक्सपेरियन डेवलपर्स द्वारा इस संपत्ति को हासिल करने में वास्तविक खर्च उसकी असली कीमत के मुकाबले बहुत ही कम रहा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने अदालत को बताया कि 23 मार्च को दर्ज यह मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है।
भाषा योगेश रमण
रमण

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