नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) डिक्सन-वीवो के लंबे समय से लंबित संयुक्त उद्यम प्रस्ताव को सरकार इस महीने मंजूरी दे सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इससे चीन स्थित मोबाइल कंपनी वीवो की भारत में जोखिम संबंधी चिंताएं कम होंगी।
सूत्रों के अनुसार, दोनों कंपनियों के बीच दिसंबर, 2024 में संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। प्रस्तावित साझेदारी में डिक्सन टेक्नोलॉजीज की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी और वह बहुलांश शेयरधारक रहेगी।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक अंतर-मंत्रालयी समिति ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंत्रालय इसे मंजूरी देगा।’’
यह संयुक्त उपक्रम स्मार्टफोन सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण पर केंद्रित होगा।
वीवो की नोएडा स्थित विनिर्माण इकाई को प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे भारत में कंपनी का परिचालन जोखिम कम होगा।
यह इकाई भारत में वीवो के स्मार्टफोन के लिए मूल उपकरण विनिर्माण (ओईएम) ऑर्डर के एक हिस्से को पूरा करेगी। साथ ही यह अन्य ब्रांड के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के ओईएम कारोबार में भी शामिल होगी।
भाषा यासिर अजय
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