चीन और नेपाल के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पहलुओं पर हुई ‘व्यापक बातचीत’

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चीन और नेपाल के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पहलुओं पर हुई ‘व्यापक बातचीत’

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 09:38 PM IST

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 16 जून (भाषा) चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके नेपाली समकक्ष शिशिर खनाल ने मंगलवार को यहां दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर ‘व्यापक बातचीत’ की।

खनाल भारत की एक सप्ताह लंबी यात्रा के बाद 14 जून को चार दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंचे हैं।

वांग यी से मुलाकात के बाद खनाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने संपर्क, सीमा प्रबंधन, व्यापार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और बहुपक्षीय सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने दोनों देशों की जनता के स्तर पर संबंधों के विस्तार पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और दोनों देशों के पारस्परिक लाभ के लिए नेपाल-चीन संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।’’

चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वांग यी ने खनाल से कहा कि चीन ने अपनी पड़ोसी कूटनीति में हमेशा नेपाल के साथ संबंधों को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है और वह सभी नेपाली लोगों के प्रति मैत्रीपूर्ण नीति अपनाता है।

उन्होंने कहा कि चीन हमेशा की तरह नेपाल की राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने तथा उसकी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास का रास्ता तलाशने में उसका समर्थन करेगा।

नेपाल में इस साल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की भारी जीत के बाद खनाल की बीजिंग यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आरएसपी की जीत ने नेपाल के कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के.पी. शर्मा ओली और प्रचंड के लंबे शासन को समाप्त कर दिया है, जो काठमांडू को भारत से दूर और बीजिंग के करीब ले जाने के प्रयास में थे। ऐसे में दोनों देशों से उम्मीद की जा रही थी कि वे अपने संबंधों को नया रूप देंगे।

वांग यी के अलावा खनाल ने ‘चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस’ की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष वांग हुनिन और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लिउ हैक्सिंग से भी अलग-अलग मुलाकात की। इन मुलाकातों में निवेश, पर्यटन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

भाषा सुमित शफीक

शफीक