ई-कॉमर्स निर्यात से छोटे शहरों के कारोबारियों को मिलेगी मदद: विशेषज्ञ

ई-कॉमर्स निर्यात से छोटे शहरों के कारोबारियों को मिलेगी मदद: विशेषज्ञ

ई-कॉमर्स निर्यात से छोटे शहरों के कारोबारियों को मिलेगी मदद: विशेषज्ञ
Modified Date: September 4, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: September 4, 2026 10:21 pm IST

नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि ई-कॉमर्स माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने के सरकारी उपायों से देश के छोटे शहरों के व्यापारियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हथकरघा, हस्तशिल्प और आभूषण जैसे क्षेत्रों से जुड़े कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पाद वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।

पायोनियर इंडिया के उपाध्यक्ष और कंट्री मैनेजर गौरव सिसोदिया ने कहा, ”ई-कॉमर्स करूर, पानीपत, जयपुर, मुरादाबाद या तिरुपुर के किसी विक्रेता को अपनी वृद्धि यात्रा के काफी शुरुआती दौर में ही विदेशी खरीदारों तक पहुंचने की गुंजाइश दे रहा है।”

हालांकि, उन्होंने कहा कि ग्राहकों की खोज केवल पहला कदम है और छोटे निर्यातकों को सीमा पार भुगतान के ऐसे भरोसेमंद बुनियादी ढांचे की भी आवश्यकता है जो ऑर्डर की संख्या बढ़ने पर उनका समर्थन कर सके।

सिसोदिया ने कहा, ”यह बदलाव न केवल भारत के निर्यात के मूल्य को बदल सकता है, बल्कि यह भी तय कर सकता है कि निर्यात आधारित आर्थिक गतिविधियां कहां संचालित होंगी। पारंपरिक निर्यात मॉडल ने अक्सर स्थापित विदेशी साझेदारों, व्यापक वितरण नेटवर्क और भारी मात्रा में खेप संभालने की क्षमता वाले बड़े व्यवसायों का पक्ष लिया है।”

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स छोटे विक्रेताओं को अपेक्षाकृत कम मात्रा के ऑर्डर से शुरुआत करने की अनुमति देकर इनमें से कुछ शुरुआती बाधाओं को कम करता है।

शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि भारत को 2030 तक ई-कॉमर्स के माध्यम से 350 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्तु निर्यात का लक्ष्य रखना चाहिए।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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