भारतीय कॉफी उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए पर्यावरण अनुकूल खेती जरूरी : रिपोर्ट

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भारतीय कॉफी उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए पर्यावरण अनुकूल खेती जरूरी : रिपोर्ट

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  • Publish Date - September 25, 2023 / 07:19 PM IST,
    Updated On - September 25, 2023 / 07:19 PM IST

बेंगलुरु, 25 सितंबर (भाषा) पर्यावरण और आर्थिक चिंताएं भारत के कॉफी उद्योग के लिए खतरा पैदा करने वाली दो प्रमुख चुनौतियां हैं। सोमवार को यहां जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

मृदा स्वास्थ्य और पोषण प्रबंधन पर काम करने वाली कंपनी फायरफ्लाई लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ‘भारत के कॉफी उद्योग को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए पर्यावरण अनुकूल खेती’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि पर्यावरण अनुकूल कृषि का उद्देश्य स्थिरता के तीन स्तंभों – आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक – के बीच सामंजस्य बनाना है।

इसमें कहा गया है कि इसका उद्देश्य कॉफी जैसी फसलों के व्यावसायिक उत्पादन के साथ-साथ संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना है। कृषिवानिकी, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने और कॉफी फार्म पर मिट्टी के स्वास्थ्य का प्रबंधन और पुनःपूर्ति जैसे तरीकों पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यह केवल मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों को बनाए रखने से आगे बढ़कर कृषि भूमि को सक्रिय रूप से बहाल करने तक फैला हुआ है।

फायरफ्लाई लाइफ साइंसेज की संस्थापक और निदेशक नंदिता अब्रेओ ने कहा, ‘‘पिछले एक दशक में जलवायु के मिजाज में भारी बदलाव ने भारत के कॉफी उत्पादन और फसल की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कॉफी एक ऐसी फसल है जो मौसम के उतार-चढ़ाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। इसलिए कॉफी के बागानों को बनाए रखने के लिए खेती में जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं के एकीकरण की आवश्यकता होगी। भारत जैसे देशों में जहां अधिकांश उत्पादन छोटी जोतों से होता है, इन प्रथाओं को अपनाना जरूरी है ताकि किसानों की सुरक्षा प्रदान की जा सके और उनकी आजीविका में सुधार हो सके।”

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय