एसएंडपी के रेटिंग में सुधार के बाद रिलायंस ने जापान से रिकॉर्ड वित्तपोषण जुटाया

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एसएंडपी के रेटिंग में सुधार के बाद रिलायंस ने जापान से रिकॉर्ड वित्तपोषण जुटाया

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 04:06 PM IST

नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में किसी भारतीय कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा ‘समुराई ऋण’ जुटाया।

इसके साथ ही कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपनी तरह के तीन वित्तपोषण सौदे भी पूरे किए।

समुराई लोन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार का एक विशेष शब्द है। जब जापान से बाहर की कोई विदेशी कंपनी या सरकार, जापानी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जापानी मुद्रा ‘येन’ में ऋण लेती है, तो उसे ‘समुराई लोन’ कहा जाता है।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स द्वारा दिसंबर, 2025 में रिलायंस की अंतरराष्ट्रीय साख रेटिंग ‘बीबीबी प्लस’ से बढ़ाकर ‘ए-माइनस’ किए जाने के बाद कंपनी की वैश्विक पूंजी बाजारों तक पहुंच और मजबूत हुई है। यह रेटिंग भारत की संप्रभु रेटिंग से दो स्तर ऊपर है।

एसएंडपी ने कहा कि रिलायंस के उपभोक्ता कारोबार का योगदान बढ़ने और आय की स्थिरता बेहतर होने के कारण रेटिंग में सुधार किया गया।

कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने 10 जापानी और ताइवानी बैंकों के माध्यम से ‘समुराई लोन’ के तहत 91.9 अरब जापानी येन (लगभग 62.5 करोड़ डॉलर) जुटाए। यह किसी भारतीय कंपनी द्वारा इस तरह का सबसे बड़ा और समग्र रूप से किसी एशियाई कंपनी द्वारा तीसरा सबसे बड़ा वित्तपोषण सौदा है।

भाषा योगेश अजय

अजय