ईडी ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्रालय की ‘अनियमितताओं’ के मामले में नया आरोपपत्र दाखिल किया

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ईडी ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्रालय की ‘अनियमितताओं’ के मामले में नया आरोपपत्र दाखिल किया

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 10:30 PM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में एक दर्जन से अधिक सेवानिवृत्त और सेवारत अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ नया आरोपपत्र दाखिल किया है।

एजेंसी ने 2024 में अपनी जांच के तहत राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव कुमार लाल को गिरफ्तार किया था। वे वर्तमान में जेल में हैं।

संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में पांचवां पूरक आरोपपत्र मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में दाखिल किया गया।

ईडी ने बताया कि आरोपपत्र में ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी), ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र (आरडीएसजेड) और झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (जेएसआरआरडीए) के 14 अभियंताओं और अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

एजेंसी ने बताया कि इससे इस मामले में आरोपियों की कुल संख्या 36 हो गई है।

ईडी ने आरोप लगाया है कि झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में अधिकारियों ने मिलीभगत करके कमीशन और रिश्वतखोरी को ‘‘व्यवस्थित’’ रूप दे दिया, जहां निविदा आवंटन के बदले ठेकेदारों से कुल निविदा मूल्य का तीन प्रतिशत निश्चित कमीशन वसूला जाता था।

भाषा शफीक रमण

रमण