(EPF Account Merge/ Image Credit: Screengrab)
नई दिल्ली: EPF Account Merge Kise Kare: जब आप नौकरी बदलते हैं, तो अक्सर एक ही UAN के तहत कई EPF अकाउंट बन जाते हैं। हालांकि UAN पूरे करियर में एक ही रहता है, लेकिन हर नया एम्लॉयर इसके तहत अलग PF अकाउंट बना सकता है। ये अकाउंट अपने आप मर्ज नहीं होते। कर्मचारियों को EPFO से पुराने अकाउंट का बैलेंस नए एक्टिव अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए अनुरोध करना पड़ता है। ऐसा करने से रिटायरमेंट की सारी बचत एक ही जगह रहती है और निष्क्रिय अकाउंट या पैसे निकालने में देरी जैसी परेशानियां नहीं आती।
EPF यानी Employee Provident Fund एक सरकारी सेविंग स्कीम है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है। EPFO द्वारा नियंत्रित इस योजना में कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों ही कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12% EPF में योगदान करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF की ब्याज दर 8.25% है, जो साल के सभी योगदानों पर लागू होती है। ब्याज की गणना हर महीने अकाउंट के क्लोजिंग बैलेंस पर की जाती है, लेकिन साल के अंत में जमा किया जाता है।
वर्तमान समय में PF ट्रांसफर आसान हो गया है। EPFO अब मेंबर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन मर्ज रिक्वेस्ट की सुविधा देता है। इसके लिए आपका UAN एक्टिव होना और Aadhaar से जुड़ा होना जरूरी है। सबसे पहले EPFO की वेबसाइट पर लॉगिन करें और ‘One Member – One EPF Account’ लिंक चुनें। इसमें अपनी पर्सनल जानकारी और पुराने EPF अकाउंट की जानकारी भरें। OTP वेरिफिकेशन के बाद डिक्लेरेशन बॉक्स पर टिक करके Submit करें। इसके बाद मौजूदा एम्प्लॉयर को मंजूरी देनी होगी, फिर EPFO पिछले अकाउंट्स को मर्ज कर देगा।
अगर किसी कर्मचारी के पास दो UAN हैं, तो EPFO के जरिए पुराने UAN को डीएक्टिवेट कराना होता है। इसके लिए uanepf@epfindia.gov.in पर ईमेल भेजें और दोनों UAN की जानकारी साझा करें। एक बार रिक्वेस्ट वेरिफाई और स्वीकार हो जाने पर पुराना UAN ब्लॉक हो जाएगा और मौजूदा UAN एक्टिव रहेगा। इसके बाद कर्मचारी अपने मौजूदा UAN में पैसे ट्रांसफर करवा सकता है।
अभी UPI के जरिए EPF निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे जल्द लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय आठ करोड़ EPF सदस्यों के लिए UPI के जरिए सीधे पैसे निकालने का सिस्टम डेवलप कर रहा है। इससे पैसे तक तेजी से पहुंच संभव होगी और प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
अपने सभी PF अकाउंट को एक जगह मर्ज करने से रिटायरमेंट की बचत व्यवस्थित रहती है। यह निष्क्रिय अकाउंट की समस्या, पैसे ट्रैक करने में कठिनाई और योगदान की गड़बड़ी जैसी परेशानियों से बचाता है। नौकरी बदलते समय यह छोटा लेकिन जरूरी कदम भविष्य में वित्तीय परेशानियों को कम कर सकता है।