एस्सार की ईईटी रिटेल 40 करोड़ पाउंड में ब्रिटिश कंपनी एसजीएन का अधिग्रहण करेगी

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एस्सार की ईईटी रिटेल 40 करोड़ पाउंड में ब्रिटिश कंपनी एसजीएन का अधिग्रहण करेगी

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 03:26 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 03:26 PM IST

नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन की खुदरा इकाई ने ब्रिटेन की पेट्रोल पंप संचालक कंपनी एसजीएन रिटेल का अधिग्रहण करने के लिए करार किया है। यह सौदा करीब 40 करोड़ पाउंड का बताया जा रहा है।

इससे उसके नेटवर्क में 118 पेट्रोल पंप जुड़ जाएंगे और कुल नेटवर्क बढ़कर 235 पेट्रोल पंप का हो जाएगा।

ईईटी रिटेल ने बयान में कहा कि उसने ग्राहम पीकॉक और सुसान टोबेल द्वारा स्थापित एसजीएन रिटेल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने पर सहमति जताई है।

कंपनी ने सौदे की वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, यह सौदा करीब 40 करोड़ पाउंड का है।

इस अधिग्रहण से ईईटी रिटेल का सालाना ईंधन बिक्री कारोबार 65 करोड़ लीटर से अधिक हो जाएगा। इसमें एसजीएन रिटेल के 118 स्थल और ईईटी रिटेल द्वारा पहले से संचालित 117 स्थल शामिल हैं।

ईईटी रिटेल ने कहा कि विस्तारित नेटवर्क उसे ईंधन उत्पादन के साथ ब्रिटेन का दूसरा सबसे बड़ा ‘फोरकोर्ट’ संचालक बना देगा। कंपनी की 2031 तक अपने नेटवर्क को करीब 800 स्थल तक बढ़ाने की योजना है, जो ब्रिटेन के बाजार का लगभग नौ प्रतिशत होगा।

ईईटी रिटेल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरवन रुइया ने कहा, ‘‘बड़े स्तर पर एकीकृत खुदरा ‘फोरकोर्ट’ मंच तैयार करना ब्रिटेन के लिए हमारी दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसजीएन रिटेल ब्रिटेन के सबसे बेहतर गुणवत्ता वाले फोरकोर्ट नेटवर्क में से एक है और बाजार से काफी आगे है।’’

फोरकोर्ट पेट्रोल पंप का वह परिसर होता है जहां वाहन खड़े करके ईंधन भरवाया जाता है।

ब्रिटेन में इस शब्द का इस्तेमाल कई बार पूरे पेट्रोल पंप परिसर के लिए किया जाता है, जिसमें ईंधन भरने की जगह के साथ सुविधा स्टोर, खाने-पीने की दुकान, कार की सफाई और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सेवाएं भी शामिल हो सकती हैं।

यह अधिग्रहण ऐसे समय में हो रहा है जब ईईटी ईंधन उत्पादन को खुदरा वितरण से फिर जोड़ने की कोशिश कर रही है।

कंपनी का कहना है कि पिछले दो दशक में प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा घरेलू रिफाइनिंग क्षेत्र में निवेश कम करने से ब्रिटेन का ईंधन बाजार अधिक छितरायार हुआ है।

भाषा योगेश अजय

अजय

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