नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों और आयातकों के लिए कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर करने के उद्देश्य से बिना आमने-सामने संपर्क वाली व्यापार सुविधा प्रणाली लागू करने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) में एक केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग स्थापित करने का फैसला किया है।
डीजीएफटी के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (सीपीडी) व्यापार से जुड़े आवेदनों के प्रसंस्करण के लिए एक केंद्रीय इकाई के रूप में काम करेगा।
यह दिल्ली में केंद्रीय लाइसेंसिंग क्षेत्र में स्थित होगा।
इसमें कहा गया, ‘‘इस प्रणाली को अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में राष्ट्र को समर्पित करने का प्रस्ताव है।’’
बिना आमने-सामने संपर्क वाली व्यापार सुविधा सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य व्यापार से जुड़े आवेदनों के प्रसंस्करण को बिना आमने-सामने संपर्क, कागज रहित और क्षेत्राधिकार-मुक्त बनाना है। इससे प्रसंस्करण का समय कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और निर्यातकों तथा आयातकों के लिए कारोबार करना आसान बनाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली और क्षेत्रीय केंद्रों से डीजीएफटी के कुल 53 अधिकारियों को इस विभाग में पदस्थापित या स्थानांतरित किया गया है। इनमें पांच संयुक्त डीजीएफटी, 10 उप डीजीएफटी और सात सहायक डीजीएफटी शामिल हैं।
भाषा निहारिका योगेश
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