एस्टोनियाई स्टार्टअप भारत के साथ साझेदारी, उसके बड़े बाजार में प्रवेश को लेकर उत्सुक

एस्टोनियाई स्टार्टअप भारत के साथ साझेदारी, उसके बड़े बाजार में प्रवेश को लेकर उत्सुक

एस्टोनियाई स्टार्टअप भारत के साथ साझेदारी, उसके बड़े बाजार में प्रवेश को लेकर उत्सुक
Modified Date: May 31, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: May 31, 2026 3:13 pm IST

(आसिम कमाल)

ताल्लिन्न, 31 मई (भाषा) आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच कृत्रिम मेधा (एआई), साइबर सुरक्षा, रक्षा और चिकित्सा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के एस्टोनिया के कई प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ने भारत के साथ सहयोग करने और उसके विशाल बाजार का लाभ उठाने में गहरी रुचि दिखाई है।

स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रभावशाली सम्मेलन ‘लैटिट्यूड59’ ने भी अगले वर्ष भारत में अपने तत्वावधान में एक नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई है।

‘लैटिट्यूड59’ की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लिसी ओर्ग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मुझे भारत से प्यार है, मैं कई बार वहां जा चुकी हूं और मुझे वहां ‘लैटिट्यूड59’ की मेजबानी करना बेहद पसंद आएगा। अभी यह तय नहीं है कि यह कहां होगा। विभिन्न प्रौद्योगिकी केंद्रों के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन यदि हम इसे अभी नहीं करते हैं तो हम पीछे रह जाएंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है, यदि हम भारत के साथ सहयोग नहीं करते हैं तो यह समझदारी नहीं होगी।”

उन्होंने कहा कि बाजार के विशाल आकार के कारण भारत में दिलचस्पी है और भारतीय प्रतिनिधिमंडल लगातार पांच वर्षों से ‘लैटिट्यूड59’ में हिस्सा ले रहा है।

बीते 20-22 मई तक यहां आयोजित ‘लैटिट्यूड59’ सम्मेलन के इतर ओर्ग ने कहा, ‘संबंध पहले से बने हुए हैं और हमें अभी कुछ करना चाहिए। मैं अगले साल भारत में लैटिट्यूड59 आयोजित करना चाहती हूं। मेरा मानना है कि हमें छोटी शुरुआत करनी चाहिए, शायद किसी विशेष क्षेत्र को चुनना चाहिए। हम अपने स्टार्टअप को निवेशकों के सामने और निवेशकों को स्टार्टअप के सामने ला सकते हैं, जैसा कि हम सिंगापुर और केपटाउन में नेटवर्किंग कार्यक्रम के दौरान करते हैं।’

इस साल ‘लैटिट्यूड59’ में 70 देशों के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 140 वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इसमें दुनिया भर के 800 से अधिक स्टार्टअप प्रतिनिधियों और 600 से अधिक निवेशकों के साथ-साथ 20 राष्ट्रीय और स्टार्टअप प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया गया। एस्टोनिया में अगला मुख्य ‘लैटिट्यूड59’ कार्यक्रम 19-21 मई, 2027 को कुल्तुउरिकाटेल में होगा।

एस्टोनिया की रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी वेगविजिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक इंगवार पार्नामाए ने एक प्रस्तुति दी कि कैसे अगली पीढ़ी का मिक्स्ड रियलिटी सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम (एक्सआरएसएएस) भारतीय सुरक्षा कर्मियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो बख्तरबंद वाहनों के चालक दल, रिमोट ऑपरेटर और कमांडर को वास्तविक समय में दृश्यता और निर्णय सहायता प्रदान कर सकती है।

स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी बेटर मेडिसिन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक प्रीत सलुमाए ने भी भारतीय बाजार में प्रवेश की इच्छा जताई।

एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गुस त्साहकना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि भारत एस्टोनिया के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार है।

उन्होंने कहा, “हमारे आकार बिल्कुल अलग हैं 13 लाख की आबादी वाला एस्टोनिया और 140 करोड़ की आबादी वाला भारत। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। हमारे राष्ट्रपति अलार करिस फरवरी में एआई शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। हमारे द्विपक्षीय संबंध व्यापार के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “चाहे रक्षा उद्योग हो, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) हो या एआई समाधान, एस्टोनिया निवेश के लिए एक उपयुक्त स्थान है।’

उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और सरकार के आर्थिक विकास में नेतृत्व से एस्टोनियाई कंपनियां काफी प्रभावित हैं।

मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा, “वैश्विक रुझान को देखते हुए भारत क्षेत्र में तेजी से अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एस्टोनिया भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय संघ के बाजार का प्रवेश द्वार है, इसलिए दोनों पक्षों की रुचि है।”

एस्टोनिया में भारत के राजदूत आशीष सिन्हा ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने के बाद एस्टोनिया भारत के लिए उत्तर यूरोपीय बाजारों का प्रवेश द्वार बन सकता है।

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं।

सिन्हा ने ‘ पीटीाई- भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा व्यापार का मजबूत आधार आगे के सहयोग के लिए मजबूत आधार का काम करेगा, विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने के बाद।

भाषा अजय योगेश

अजय


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