नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने सोमवार को कहा कि बजट में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) इकाइयों को घरेलू बाजार में बिक्री के लिए प्रस्तावित छूट केवल एक सीमित समय के लिए होगी। इसका उद्देश्य इन निर्यात-उन्मुख उद्यमों को वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर से उबरने में मदद करना है।
राजस्व सचिव ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बजट के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘एसईजेड का मुख्य जोर निर्यात पर है और वह निर्यात ही रहेगा। इसलिए, जो अवसर बनाया जा रहा है, उसके एक बार और सीमित समयसीमा के लिए रहने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार की अनिश्चितताएं और उतार-चढ़ाव खत्म हो जाएंगे और हम इस मोर्चे पर फिर से स्थिरता हासिल करने की स्थिति में होंगे।’’
आम बजट 2026-27 में वैश्विक व्यापार बाधाओं के कारण एसईजेड में विनिर्माण इकाइयों की क्षमता के उपयोग को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर करने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में एक विशेष एकमुश्त उपाय का प्रस्ताव दिया, जिसके तहत पात्र विनिर्माण इकाइयों को घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में रियायती शुल्क दरों पर बिक्री की अनुमति दी जाएगी।
इस तरह की बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक निर्धारित अनुपात तक सीमित होगी और इन उपायों को लागू करने के लिए आवश्यक नियामकीय बदलाव किए जाएंगे।
राजस्व सचिव ने कहा कि इस प्रस्ताव को लागू करने के विवरण पर काम किया जाएगा और यह सीमा शुल्क अधिनियम के तहत एक छूट अधिसूचना के रूप में होगा।
श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमें एक संतुलन बनाना होगा और हम इसके लिए एक सटीक फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क ऐसा नहीं होगा जिससे एसईजेड को घरेलू बाजार में सामान बेचने में बाधा आए, और ऐसा भी नहीं होगा कि घरेलू इकाइयों के लिए प्रतिस्पर्धा असमान हो जाए।
भाषा पाण्डेय अजय
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