नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) सरकार अगले वित्त वर्ष में अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के माध्यम से बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी और घटाने पर विचार कर रही है। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वर्तमान में, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने मई, 2022 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से 902-949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में कंपनी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। इस शेयर बिक्री से सरकार को करीब 21,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
नागराजू ने संवाददाताओं से कहा, ‘एलआईसी के सार्वजनिक निर्गम को धीरे-धीरे लाना होगा। हमने दीपम (निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग) से एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की संभावनाओं को देखने के लिए कहा है।’
उन्होंने कहा, ‘यदि सभी मंजूरियां मिल जाती हैं और बाजार की स्थिति अनुकूल रहती है, तो अगले वित्त वर्ष में एलआईसी का एफपीओ आ सकता है।’
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, सरकार को मई, 2027 तक इस सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी में 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी और बेचनी होगी।
हिस्सेदारी बिक्री की मात्रा, कीमत और समय के बारे में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
भाषा सुमित अजय
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