मुंबई, 11 जून (भाषा) भारतीय कंपनियों के बाह्य यानी विदेशों से वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) से जुड़े प्रस्ताव अप्रैल 2026 में पिछले महीने की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक घटकर 3.77 अरब डॉलर रह गए। यह गिरावट पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देखी गई।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 3.77 अरब डॉलर रहा जबकि मार्च 2026 में यह 5.43 अरब डॉलर था।
ईसीबी उन वाणिज्यिक ऋणों को कहा जाता है जो पात्र घरेलू संस्थाएं मान्यता प्राप्त विदेशी संस्थाओं से जुटाती हैं।
अप्रैल 2026 में आरबीआई के पास इसकी जानकारी देने वाली प्रमुख कंपनियों में रिन्यू सूर्या रोशनी शामिल है, जिसने मौजूदा ईसीबी के पुनर्वित्त के लिए 50 करोड़ डॉलर जुटाए। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 48 करोड़ डॉलर, सेरेंटिका रिन्यूएबल्स इंडिया 14 प्राइवेट लिमिटेड ने 39.7 करोड़ डॉलर और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने नए प्रोजेक्ट्स ने 20.04 करोड़ डॉलर जुटाए।
आरबीआई आंकड़ों के अनुसार, इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने मौजूदा ईसीबी के पुनर्वित्त के लिए 20 करोड़ डॉलर और यूफ्लेक्स ने विदेशी निवेश के लिए 18.823 करोड़ डॉलर जुटाए।
भाषा निहारिका रमण
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