नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बैंकों ने बृहस्पतिवार को प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए ऊंची ब्याज दरों की पेशकश करने वाली एक नई विदेशी मुद्रा प्रवासी (एफसीएनआर-बी) जमा योजना शुरू की।
एनआरआई सावधि जमा (एफडी) की ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों के लिए 30 सितंबर तक विदेशी मुद्रा अदला-बदली खिड़की की घोषणा के कुछ ही दिन बाद आई है।
रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकों को इन जमाओं पर वहन की जाने वाली मुद्रा की ‘हेजिंग’ लागत से प्रभावी रूप से राहत मिली है और उनके पास जमा दरों में वृद्धि करने की गुंजाइश बनी है।
इस कदम का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों से विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जमा योजना के तहत करीब 60 से 70 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी पूंजी भारत आने की संभावना है।
आरबीआई के इस कदम के बाद, आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि वह 11 जून से एनआरआई एफडी पर 6.50 प्रतिशत ब्याज की पेशकश कर रहा है।
एसबीआई ने अमेरिकी डॉलर में तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली नई ‘एसबीआई एडवांटेज एफसीएनआर (बी)’ जमा योजना शुरू की है। इस योजना में एक वर्ष की लॉक-इन अवधि होगी।
एसबीआई के अनुसार, 10 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की तीन से चार वर्ष की जमा पर 5.50 प्रतिशत, चार से पांच वर्ष की जमा पर 5.75 प्रतिशत और पांच वर्ष की जमा पर छह प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी नई एफसीएनआर (बी) योजना के तहत अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, यूरो, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कनाडाई डॉलर में तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली जमाओं पर ब्याज दरें बढ़ाई हैं।
नई दरों के तहत अमेरिकी डॉलर जमा पर अधिकतम छह प्रतिशत, ब्रिटिश पाउंड और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जमा पर 4.75 प्रतिशत, कनाडाई डॉलर जमा पर 5.15 प्रतिशत तथा यूरो जमा पर 3.75 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि 11 जून से तीन से पांच वर्ष की एफसीएनआर (बी) जमा पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर से कम की जमा के लिए छह प्रतिशत और इससे अधिक की जमा के लिए 6.15 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
एचडीएफसी बैंक ने भी 10 जून से तीन से पांच वर्ष की एफसीएनआर (बी) जमा पर ब्याज दर बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दी है। यह दर 10 जून से 30 सितंबर, 2026 के बीच खोली गई जमाओं पर लागू होगी।
वहीं एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अमेरिकी डॉलर में एफसीएनआर (बी) जमा पर अधिकतम ब्याज दर 5.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.10 प्रतिशत सालाना कर दी है। नई दरें 10 जून, 2026 से प्रभावी हैं।
एफसीएनआर (बी) खाते एनआरआई को विदेशी मुद्रा में भारत में धन जमा करने की सुविधा देते हैं। इन खातों पर मिलने वाला ब्याज और मूलधन विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहता है, इसलिए ये एनआरआई निवेशकों के बीच लोकप्रिय माने जाते हैं।
भाषा योगेश अजय
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