एफसीएनआर जमा से ‘असामान्य कर्ज’ का जोखिम, बैंकों को सतर्क रहने की जरूरत: एक्सिस बैंक प्रमुख

एफसीएनआर जमा से ‘असामान्य कर्ज’ का जोखिम, बैंकों को सतर्क रहने की जरूरत: एक्सिस बैंक प्रमुख

एफसीएनआर जमा से ‘असामान्य कर्ज’ का जोखिम, बैंकों को सतर्क रहने की जरूरत: एक्सिस बैंक प्रमुख
Modified Date: September 9, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: September 9, 2026 8:36 pm IST

मुंबई, नौ सितंबर (भाषा) निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ चौधरी ने बुधवार को कहा कि 127 अरब डॉलर से अधिक की एफसीएनआर (बी) जमा राशि से कुछ ‘असामान्य’ यानी जोखिमपूर्ण तरीके से कर्ज देने की स्थिति बन सकती है।

यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक के प्रमुख ने अन्य बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को भारतीय रिजर्व बैंक की रियायती अदला-बदली योजना के तहत प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई बड़ी राशि के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

चौधरी ने कहा, ‘‘एफसीएनआर से कुछ असामान्य ऋण दिए जा सकते हैं, क्योंकि हमें इस राशि का इस्तेमाल करना होगा।” हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक ऐसा नहीं करेंगे।

उल्लेखनीय है कि आरबीआई द्वारा जून में घोषित सीमित अवधि की योजना के तहत बैंकों ने 127 अरब डॉलर से अधिक की एफसीएनआर (बी) (विदेशी मुद्रा प्रवासी-बैंक) जमा राशि जुटाई है। अच्छी राशि आने के साथ केंद्रीय बैंक ने निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले ही इस योजना को बंद कर दिया।

चौधरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में बैंकों में कर्ज वृद्धि करीब 15-16 प्रतिशत रह सकती है। मौजूदा 19 प्रतिशत तक की वृद्धि पिछले वित्त वर्ष के कम तुलनात्मक आधार के कारण है।

एक्सिस बैंक के प्रमुख के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि आरबीआई अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में ही ब्याज दर बढ़ा सकता है। भारत और अमेरिका के बीच सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले प्रतिफल का अंतर ‘समस्या’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘निकट भविष्य में ब्याज दर में कुछ वृद्धि की संभावना है। यह कब होगी, मुझे नहीं पता। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह अक्टूबर या दिसंबर में हो सकती है। भारत और अमेरिका के बीच इतना बड़ा अंतर (प्रतिभूतियों पर प्रतिफल) कई दशकों में नहीं देखा गया है और यह एक समस्या है।’’

चौधरी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बैंक क्षेत्र में और अधिक एकीकरण देखने को मिलेगा और एक्सिस बैंक अवसरों की तलाश जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि बैंक क्षेत्र में एकीकरण की प्रक्रिया बड़े आकार के बैंकों की जरूरत के आधार पर होगी। बैंकों के लिए बड़ा आकार बेहद जरूरी है और आने वाले समय में सभी बैंक इसे समझेंगे।

चौधरी ने कहा कि बैंक का बड़ा आकार भविष्य में उसके लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का भी काम करेगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बैंकों को वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों (फिनटेक) से चुनौतियां मिलती रहेंगी, लेकिन ये चुनौतियां बैंकों के अस्तित्व के लिए खतरा नहीं होंगी, जैसा कि पहले आशंका जताई जाती थी।

चौधरी ने कहा कि एक्सिस बैंक फिनटेक क्षेत्र को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ साझेदारी के एक स्रोत के रूप में भी देखता है।

भाषा रमण अजय

अजय


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