नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह मंजूरी आईएसएम 1.0 के लिए निर्धारित किए गए 76,000 करोड़ रुपये के आवंटन से काफी अधिक है।
सूत्रों के मुताबिक, व्यय वित्त समिति ने आईएसएम 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के खर्च को मंज़ूरी दे दी है और अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा।
फरवरी में पेश किए गए बजट में देश की विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए थे। इसमें कई उपायों के साथ-साथ ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के दूसरे चरण की घोषणा की गई थी, जिसका मुख्य मकसद देश में चिप विनिर्माण परिवेश को बढ़ावा देना था। इसमें उपकरण, सामग्री, स्वदेशी डिज़ाइन और अन्य संबंधित कलपुर्जे शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ चिप विनिर्माण के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले कहा था कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के तहत देश में ही चिप डिज़ाइन, उत्पादन आदि बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।
‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है। इनमें एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई और नौ पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं।
भाषा यासिर अजय
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