वित्त मंत्रालय ने सरकारी साधारण बीमा कंपनियों से मुनाफे वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा

वित्त मंत्रालय ने सरकारी साधारण बीमा कंपनियों से मुनाफे वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा

वित्त मंत्रालय ने सरकारी साधारण बीमा कंपनियों से मुनाफे वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा
Modified Date: September 2, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: September 2, 2026 10:09 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों से बुधवार को कहा कि वे मुनाफे वाले कारोबारी क्षेत्रों पर अपना ध्यान बढ़ाएं और दावों के अनुपात को कम करने के लिए उपयुक्त कदम उठाएं।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने यहां आयोजित प्रदर्शन समीक्षा बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) से कहा कि वे प्रौद्योगिकी के अधिक इस्तेमाल और डिजिटल बदलाव की प्रक्रिया तेज करें। साथ ही उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य डिजिटल पहल पर होने वाले खर्च को बेहतर तरीके से अनुकूलित करने पर जोर दिया।

लोहिया ने बीमा उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की पहुंच ऐसे क्षेत्रों तथा वर्गों तक बढ़ाने के लिए संचार, प्रचार और ग्राहक संपर्क को मजबूत करने की जरूरत बताई। इसके लिए सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

मंत्रालय के अनुसार, लोहिया ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए एक मजबूत और मानकीकृत प्रमुख प्रदर्शन संकेतक व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया।

लोहिया ने बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के वित्तीय और कारोबारी प्रदर्शन की समीक्षा की।

बैठक में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल) की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) राजेश्वरी सिंह मुनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (यूआईआईसीएल) के सीएमडी भूपेश एस. राहुल, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल) के सीएमडी संजय जोशी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसीआईएल) की सीएमडी लावण्या आर. मुंडयूर और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईएसीएल) के कार्यकारी निदेशक एस. शिवशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वित्तीय सेवा विभाग की ओर से अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रष्टि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

भाषा यासिर अजय

अजय


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