शहरी सहकारी बैंकों में मजबूत संचालन, आंतरिक नियंत्रण की जरूरत: डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन
शहरी सहकारी बैंकों में मजबूत संचालन, आंतरिक नियंत्रण की जरूरत: डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन
मुंबई, दो सितंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने कहा है कि शहरी सहकारी बैंकों में मजबूत संचालन, सुदृढ़ आंतरिक नियंत्रण और प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग की जरूरत है।
उन्होंने मंगलवार को यहां रिजर्व बैंक द्वारा आयोजित सहकारी समितियों के पंजीयकों के तीसरे सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
स्वामीनाथन ने आरबीआई और सहकारी समितियों के पंजीयकों तथा केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक के बीच बेहतर समन्वय की भी जरूरत बताई।
उन्होंने साइबर माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खातों के खिलाफ नियंत्रण मजबूत करने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने क्षेत्र में क्षमता निर्माण की पहल के रूप में ‘मिशन सक्षम’ का भी उल्लेख किया।
डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने कहा कि भारत में सहकारिता की जड़ें गहरी हैं, लेकिन किसी सहकारी समिति को बैंक के रूप में लाइसेंस मिलने के बाद उसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ जाती हैं।
उन्होंने पेशेवर और उपयुक्त निदेशक मंडल तथा वरिष्ठ प्रबंधन, मजबूत आंतरिक नियंत्रण, प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग और कमजोर शहरी सहकारी बैंकों का समयबद्ध समाधान करने की जरूरत बतायी।
केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक शिव पाल सिंह ने सहकारी क्षेत्र के प्राधिकारियों और आरबीआई के बीच बेहतर समन्वय, शहरी सहकारी बैंकों के लगातार पेशेवर बनने तथा परिसमापन के अधीन बैंकों का समयबद्ध समाधान करने पर जोर दिया।
भाषा रमण अजय
अजय

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