वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की बैठक में वित्तीय क्षेत्र पर करीब से नजर रखे जाने की जरूरत पर जोर

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वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की बैठक में वित्तीय क्षेत्र पर करीब से नजर रखे जाने की जरूरत पर जोर

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  • Publish Date - September 3, 2021 / 10:17 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:12 PM IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की शुक्रवार को हुई बैठक में अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। बैठक में वित्तीय क्षेत्र पर सरकार के साथ-साथ विभिन्न नियामकों द्वारा लगातार नजर रखे जाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई एफएसडीसी की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न नियामक शामिल हुए।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एफएसडीसी की 24वीं बैठक में वित्तीय स्थिरता, वित्तीय क्षेत्र के विकास, अंतर नियामकीय समन्वय, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेश और अर्थव्यवस्था के व्यापक विवेकपूर्ण पर्यवेक्षण सहित बड़े वित्तीय समूहों के कामकाज आदि पर विचार-विमर्श किया गया।

बयान के अनुसार, ‘‘बैठक में सरकार और सभी नियामकों द्वारा वित्तीय स्थितियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।’’

बैठक में दबाव वाली संपत्तियों के प्रबंधन, वित्तीय स्थिरता विश्लेषण के लिये संस्थागत प्रणाली को मजबूत बनाने, वित्तीय संस्थानों और आईबीसी से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिये व्यवस्थागत ढांचा, सरकार और विभिन्न क्षेत्रों को बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज, सरकारी प्राधिकरणों के आंकड़ों को साझा करने की प्रणाली, भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण और पेंशन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

चालू वित्त वर्ष में परिषद की यह पहली बैठक थी। पिछली बैठक 15 दिसंबर, 2020 को हुई थी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। निर्यात कारोबार में भी उछाल दर्ज किया गया है।

बैठक में वित्त राज्य मंत्री भागवत के कराड और पंकज चौधरी भी मौजूद थे। रिजर्व बैंक गवर्नर के अलावा बैठक में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी, भारतीय दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरमैन एम एस साहू, पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के चेयरमैन इंजेती श्रीनिवास उपस्थित थे।

बैठक में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर