कोच्चि, 24 जुलाई (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को अपने सभी मंदिरों में लेखा परीक्षा विभाग की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया है जिनमें भविष्य में राजस्व हानि की आशंका कम करने के लिए वित्तीय नियंत्रण और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा कि इन सिफारिशों को लागू करने से वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही, धार्मिक अनुष्ठानों के शुल्क संबंधी प्रावधानों का एकसमान और उचित अनुपालन भी सुनिश्चित होगा।
पीठ ने कहा, ‘‘इससे संबंधित अधिकारियों को उचित अवसर देने के बाद, जहां आवश्यक हो, न्याय के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करते हुए जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। इन परिस्थितियों में हम टीडीबी को लेखा परीक्षा विभाग की सिफारिशों को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से लागू करने पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश देते हैं।’’
ये सिफारिशें लेखा परीक्षा विभाग ने कंदियूर देवस्वओम में ‘मृत्युंजय होमम्’ अनुष्ठान के आयोजन के संबंध में दी थीं।
विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लेखा परीक्षा के दौरान यह सामने आया कि ‘मृत्युंजय होमम्’ जैसे अनुष्ठानों के शुल्क से संबंधित सामान्य और विशेष आदेशों में विसंगतियों के कारण देवस्वओम बोर्ड को राजस्व की हानि हुई।
भाषा खारी सिम्मी
सिम्मी