लंदन, 16 जुलाई (भाषा) भारत एवं ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने के बाद भारतीय आभूषण और कॉफी की बिना किसी सीमा शुल्क वाली पहली खेप ब्रिटेन पहुंच गई है।
दोनों देशों के बीच यह व्यापार समझौता 15 जुलाई से प्रभावी हो गया है।
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आयोजित एक कार्यक्रम में इस समझौते के तहत कम या शून्य-शुल्क व्यवस्था का लाभ उठाने वाले प्रमुख उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन ने कहा, “कुछ खेप सीईटीए के तहत पहले ही पहुंच चुकी हैं। यह समझौता उन लगभग 99 प्रतिशत शुल्क श्रेणियों को शामिल करता है, जिनके तहत भारत ब्रिटेन को निर्यात करता है, इसलिए इसके लाभ काफी महत्वपूर्ण होंगे।”
लंदन स्थित आभूषण आयातक नायसा क्रिएशंस और ओडिशा की कृति कॉफी उन कंपनियों में शामिल रहीं, जिन्होंने इस मौके पर अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। कृति कॉफी जल्द ही ब्रिटेन में अपना पहला कैफे खोलने जा रही है।
उच्चायुक्त ने कहा कि वर्तमान में भारत-ब्रिटेन के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का व्यापार करीब 65 अरब डॉलर है, जिसे 2030 तक दोगुना कर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि सीईटीए इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दोनों देशों के कारोबार को एक-दूसरे के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इससे दोनों देशों के उद्योगों और विनिर्माण तंत्र को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और समाज को व्यापक लाभ होगा।
समझौते के लागू होने के अवसर पर ‘सीईटीए ईआईएफ’ केक काटकर समारोह मनाया गया, जिसमें ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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