सरकार उपभोक्ताओं को बिना एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का भी विकल्प दे : आदित्य ठाकरे

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सरकार उपभोक्ताओं को बिना एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का भी विकल्प दे : आदित्य ठाकरे

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 09:37 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 09:37 PM IST

मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत पेट्रोल और एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल में से किसी एक का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में ठाकरे ने कहा कि पेट्रोल में एथनॉल की बढ़ती मात्रा को लेकर लाखों वाहन मालिकों, विशेषकर युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच चिंताएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकांश परिवारों के लिए दोपहिया वाहन या कार खरीदना कोई विलासिता नहीं है, बल्कि यह वर्षों की मेहनत, बचत और कई मामलों में लंबी अवधि की मासिक किस्तों (ईएमआई) का परिणाम होता है। लोग उम्मीद करते हैं कि उनका वाहन विनिर्माता कंपनी के ईंधन दक्षता संबंधी दावों के अनुरूप काम करेगा।

ठाकरे ने कहा कि कई नागरिकों का दावा है कि पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ने से उनके वाहनों का माइलेज कम हो गया है और प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़कों पर चल रहे बड़ी संख्या में वाहनों को अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए मूल रूप से डिजाइन नहीं किया गया था, लेकिन वाहन मालिकों को बिना किसी विकल्प के इसके परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए लोगों को 100 प्रतिशत पेट्रोल और एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल, दोनों में से अपनी आवश्यकता के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा दे।’’

ठाकरे ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं की पसंद का अधिकार सुरक्षित रहेगा, मौजूदा वाहन मालिकों को होने वाली असुविधा से बचाया जा सकेगा और सरकार की नीतियों के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने की स्वतंत्रता है। जिन वाहनों में एथनॉल-मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जा सकता है, उनके मालिक उसे चुन सकते हैं, जबकि अन्य लोग सामान्य पेट्रोल का उपयोग कर सकते हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय