नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) आयकर विभाग ने बैंकों और म्यूचुअल फंड की तरफ से दाखिल ‘वित्तीय लेनदेन विवरणों’ (एसएफटी) के विश्लेषण में डुप्लिकेट रिपोर्टिंग, गलत लेनदेन मूल्य और पैन विवरण की कमी जैसी सामान्य खामियां पाई हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आयकर अधिनियम के तहत रिपोर्टिंग इकाइयों के लिए निर्धारित वित्तीय लेनदेन और खातों का विवरण एसएफटी में देना अनिवार्य होता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय लेनदेन से संबंधित विवरण दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है।
रिपोर्टिंग इकाइयों में विदेशी मुद्रा डीलर, बैंक, सब-रजिस्ट्रार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), डाकघर, बॉन्ड/डिबेंचर जारी करने वाली संस्थाएं, म्यूचुअल फंड ट्रस्टी और लाभांश देने या शेयर पुनर्खरीद करने वाली कंपनियां शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, एसएफटी में मिली आम त्रुटियों में पैन से संबंधित गलत या अनुपलब्ध विवरण, एक ही लेनदेन की अलग-अलग रिपोर्टिंग, विशेषकर संयुक्त खातों में लेनदेन का गलत मूल्य, फाइलिंग से पहले डेटा का समुचित मिलान न करना, गुणवत्ता जांच की कमी और समय पर विवरण दाखिल न करना शामिल हैं।
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “ऐसी त्रुटियां करदाताओं के लिए भ्रम और असुविधा पैदा कर सकती हैं।”
विभाग ने रिपोर्टिंग इकाइयों को सलाह दी है कि वे पैन विवरण का सत्यापन करें, लेनदेन डेटा का आंतरिक मिलान सुनिश्चित करें, समय पर विवरण दाखिल करें और एसएफटी अपलोड करने से पहले नियमित गुणवत्ता जांच करें।
विभाग का वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) करदाताओं को उनके पैन से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी आयकर पोर्टल पर उपलब्ध कराता है। एआईएस में एसएफटी के जरिये मिली सूचनाओं को शामिल करता है।
एआईएस में ब्याज आय, लाभांश, प्रतिभूति लेनदेन, म्यूचुअल फंड निवेश और संपत्ति सौदों जैसी जानकारियां एक ही स्थान पर मिलती हैं। इससे करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करते समय सटीक जानकारी मिलती है और अनुपालन प्रक्रिया आसान होती है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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