नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) जीएसटी सुधारों, त्योहारों की अच्छी बिक्री और कच्चे माल की कीमतों में कमी के कारण चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एफएमसीजी (रोजमर्रा के इस्तेमाल वाला सामान) उद्योग की बिक्री और मुनाफे में सुधार देखने को मिला।
एफएमसीजी कंपनियों ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि जीएसटी के कारण उत्पन्न व्यवधानों, जब वितरक और खुदरा विक्रेता अपने पास मौजूद महंगे सामान को पहले बेचने में लगे हुए थे, के कम होने के बाद एफएमसीजी कंपनियों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे।
डाबर, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) जैसी एफएमसीजी कंपनियों ने कहा कि व्यापार स्थिरीकरण के बाद, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता भावना में सुधार हुआ है। हालांकि, पिछले रुझान के अनुरूप, इस तिमाही में भी ग्रामीण मांग शहरी मांग से अधिक रही।
एफएमसीजी उद्योग अब आने वाली तिमाहियों में मांग में निरंतर सुधार और राजस्व में वृद्धि की उम्मीद कर रहा है।
इसके अलावा चैनलों के संदर्भ में संगठित व्यापार ने अपनी मजबूत वृद्धि गति को बनाए रखा, जिसमें हाइपर-लोकल डिलीवरी मंच सहित ई-कॉमर्स में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि हुई।
डाबर ने कहा, ”भारत में हम उम्मीद करते हैं कि केश तेल और दांतों की देखभाल खंड में मजबूत वृद्धि के चलते ‘घर और निजी देखभाल’ कारोबार में दोहरे अंकों की वृद्धि होगी। डाबर आंवला, डाबर आलमंड, डाबर अनमोल, डाबर रेड टूथपेस्ट और मेसवैक जैसे प्रमुख ब्रांड अच्छी मात्रा आधारित वृद्धि दर्ज करने की संभावना रखते हैं।”
इसके पोर्टफोलियो के अधिकांश उत्पादों ने श्रेणी की वृद्धि दर को पार करना जारी रखा और तिमाही के दौरान बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है।
डाबर ने कहा, ”कुल मिलाकर हम उम्मीद करते हैं कि एकीकृत राजस्व में मध्य-एकल अंकों में वृद्धि होगी, जबकि परिचालन लाभ और कर पश्चात लाभ राजस्व से अधिक बढ़ेंगे।”
इसी प्रकार, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने कहा कि तिमाही के दौरान घरेलू बाजार में मांग की स्थिति में लगातार मजबूती आई है।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप (जीआईजी) की एफएमसीजी शाखा ने कहा, ”जीएसटी दरों में कमी के बाद गिरती मुद्रास्फीति और बढ़ती सामर्थ्य से हम आने वाली तिमाहियों में खपत में धीरे-धीरे सुधार के प्रति आश्वस्त हैं।”
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय