नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) संसद की एक समिति ने बृहस्पतिवार को खाद्य नियामक एफएसएसएआई से कहा कि वह खाद्य पदार्थो के पैक के ऊपर पोषक तत्वों के बारे में सूचना देने वाले लेबल या ‘फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग’ (एफओपीएनएल) नियमों को तय समय में अंतिम रूप दे, ताकि ग्राहकों को आसानी से पोषण से जुड़ी जानकारी मिल सके।
उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण पर संसद की स्थायी समिति ने संसद में ‘पैकबंद सामानों के नियमन, खासकर बच्चों के उत्पादों और अन्य खाद्य उत्पादों में चीनी की मात्रा’ पर एक रिपोर्ट पेश की।
समिति ने इस बात पर निराशा जताई कि ‘फ्रंट-एफओपीएनएल नियमों का मसौदा 13 सितंबर, 2022 को अधिसूचित किया गया था और 14,000 से ज़्यादा अंशधारकों की राय मिली है, जिनकी अभी जांच और व्यापक विचार-विमर्श चल रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘समिति ने देखा है कि मसौदा अधिसूचना के बाद दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, और नियमों को अंतिम रूप देने में लगातार देरी के कारण पैक के उपर आसान और समझने योग्य जानकारी नहीं मिल पा रही है, खासकर चीनी की मात्रा के मामले में।’’
पैकबंद और अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो की बढ़ती खपत को देखते हुए, समिति ने ग्राहकों के लिए साफ और आसानी से समझ में आने वाली पोषण जानकारी समय पर उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया, ताकि वे खान-पान से जुड़े सही फैसले ले सकें।
भाषा राजेश राजेश अजय
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