खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की ज़रूरत: चिराग पासवान

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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की ज़रूरत: चिराग पासवान

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 08:08 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 08:08 PM IST

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया, क्योंकि इसमें किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार पैदा करने और खेती व बागवानी की फसलों की बर्बादी कम करने की क्षमता है।

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने बताया कि सरकार ने पिछले 12 साल में इस क्षेत्र के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी शामिल है।

हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी लंबा सफर तय करना है’’ और उन्होंने आसानी से कारोबार करने के लिए सुधार की प्रक्रिया जारी रखने का वादा किया।

पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि यह किसानों की आय बढ़ाने, खाने की बर्बादी कम करने और रोजगार के अवसर पैदा करने जैसी कई चुनौतियों का समाधान कर सकता है।

उन्होंने खाद्य कंपनियों से कहा कि वे इस क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए अपने कारोबार का विस्तार करें, लेकिन साथ ही उन्हें गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की चेतावनी भी दी।

मंत्री ने कहा कि प्रसंस्करण इकाइयों को किसानों के खेतों के पास स्थापित करने की जरूरत है।

पासवान ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही इस गलत जानकारी का कड़ाई से जवाब देने की जरूरत पर फिर जोर दिया कि सभी प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद खराब होते हैं।

पासवान ने कहा, ‘‘हमारे लिए, प्रसंस्कृत खाद्य का मतलब है मूल्यवर्धन।’’

बुधवार को मंत्री ने कहा था कि सरकार अगले पांच सालों में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को दोगुना करके 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रही है।

कार्यक्रम में, आईसीसी के महानिदेशक, राजीव सिंह ने खेती के क्षेत्र को नया रूप देने में व्यापार और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय