चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली में 14 अगस्त से खाद्य सब्सिडी का डिजिटल रुपये से होगा भुगतान

चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली में 14 अगस्त से खाद्य सब्सिडी का डिजिटल रुपये से होगा भुगतान

चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली में 14 अगस्त से खाद्य सब्सिडी का डिजिटल रुपये से होगा भुगतान
Modified Date: August 12, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: August 12, 2026 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार शुक्रवार को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (पीएमजीकेएवाई) के तहत खाद्य सब्सिडी के लिए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था शुरू करेगी।

इसके साथ ही दोनों केंद्रशासित प्रदेश डिजिटल रुपये के जरिये खाद्य सब्सिडी का पूरी तरह डिजिटल माध्यम से वितरण करने वाले देश के पहले क्षेत्र बन जाएंगे।

इस कार्यक्रम में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री एन जयंतीभाई बंभानिया शामिल होंगे।

खाद्य मंत्रालय ने बुधवार को बयान में कहा कि नई डीबीटी व्यवस्था के तहत पीएमजीकेएवाई के पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक बैंक खाते में राशि भेजने के बजाय सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में खाद्य सब्सिडी दी जाएगी।

लाभार्थी इस डिजिटल राशि का इस्तेमाल अधिकृत राशन दुकानों से अनाज खरीदने के लिए कर सकेंगे। इसके तहत भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल और वास्तविक समय में पूरी होगी तथा लेनदेन का पता लगाया जा सकेगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह पहल पुडुचेरी और गुजरात में चलाए गए पिछले प्रायोगिक कार्यक्रमों पर आधारित है। चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इसे सभी पात्र लाभार्थियों के लिए पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था के रूप में लागू किया जाएगा, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक नई पहल है।

बयान के मुताबिक, इस व्यवस्था से सब्सिडी में होने वाली गड़बड़ी एवं दुरुपयोग को रोकने तथा वितरण व्यवस्था में नकदी का इस्तेमाल कम करने में मदद मिलेगी। इससे लाभार्थियों को सब्सिडी का हस्तांतरण अधिक तेज और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा तथा डिजिटल वॉलेट के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार इस पहल को देश के अन्य हिस्सों के लिए एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में देख रही है। चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली से मिले अनुभवों के आधार पर इसे बाद में अन्य राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है।

इस पहल से कल्याणकारी योजनाओं में सीबीडीसी के व्यापक इस्तेमाल की संभावनाओं को परखने और देश के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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