(वर्षा सागी)
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने की रफ्तार में दोपहिया वाहनों की सबसे बड़ी भूमिका उभरकर सामने आ रही है। राजधानी में पंजीकृत प्रत्येक 10 इलेक्ट्रिक वाहनों में लगभग चार इलेक्ट्रिक स्कूटर या मोटरसाइकिल हैं। शोध एवं परामर्श संस्था ‘एनवायरो कैटलिस्ट्स’ की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अबतक दिल्ली में 4.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत थे। इनमें करीब 1.70 लाख, यानी लगभग 40 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन हैं।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली सरकार ने नई ईवी नीति के तहत एक अप्रैल, 2028 से राजधानी में नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद करने का फैसला किया है। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को नई ईवी नीति की घोषणा की। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा गया है। यह नीति एक जुलाई से लागू होगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहिया वाहनों पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजधानी में परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण में इनकी हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
‘द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट’ में फेलो एवं एसोसिएट निदेशक शरीफ कमर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘दिल्ली के स्रोत-आधारित प्रदूषण अध्ययन के अनुसार, सर्दियों में शहर के वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है और दिल्ली में कुल वाहनों का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा दोपहिया वाहनों का है। ऐसे में जैसे-जैसे अधिक दोपहिया वाहन इलेक्ट्रिक होंगे, वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।’
हालांकि, उन्होंने कहा कि दिल्ली अकेले इस समस्या का समाधान नहीं कर सकती क्योंकि राजधानी की सड़कों पर न केवल शहर में पंजीकृत वाहन चलते हैं बल्कि पड़ोसी राज्यों के वाहन भी आते-जाते हैं।
भाषा योगेश अजय
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