गांधीनगर, 29 जून (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को उस भारतीय टीम को सम्मानित किया जिसने एवीसी पुरुष वॉलीबॉल कप में देश का पहला पदक जीतकर इतिहास रचा।
खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी स्टाफ को बधाई देते हुए मांडविया ने कहा, ‘‘यह पदक ऐतिहासिक है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत होनी चाहिए। हर उपलब्धि बड़ी जिम्मेदारी और ज्यादा उम्मीदें लेकर आती है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की हर नीति, हर निवेश और हर कोशिश का मकसद हमारे खिलाड़ियों को उनकी पूरी क्षमता का अहसास कराने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करना है। ’’
एवीसी पुरुष वॉलीबॉल कप एशिया में पुरुषों की प्रमुख महाद्वीपीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता है। 2026 का संस्करण पहला मौका था जब भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी की जिससे देश के खेल कैलेंडर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया।
जेरोम विनिथ चार्ल्स की कप्तानी में 14 खिलाड़ियों वाली भारतीय राष्ट्रीय टीम और सर्बियाई कोच ड्रैगन मिहाइलोविच ने सोमवार को गांधीनगर में मांडविया से मुलाकात की।
भारतीय वॉलीबॉल के भविष्य पर भरोसा जताते हुए मांडविया ने कहा कि टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि देश भर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और सभी स्तरों पर खेल के विकास को नयी गति देगी।
भारत पूल चरण के दौरान अजेय रहा और उसने एशिया की कुछ सबसे मजबूत टीम के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन और मजबूती दिखाई।
घरेलू टीम ने तीसरे स्थान के प्लेऑफ में बहरीन को 3-1 से हराकर कांस्य पदक जीता जो एवीसी पुरुष वॉलीबॉल कप के इतिहास में भारत का पहला पदक और अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
भारत को कांस्य पदक से महत्वपूर्ण एफआईवीबी विश्व रैंकिंग अंक मिले जिसके टीम 18 स्थान ऊपर चढ़कर 60वें से 42वें स्थान पर पहुंच गई।
भाषा नमिता
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