नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) फरवरी के पहले सप्ताह में शुद्ध खरीदार बन गए हैं। बेहतर जोखिम धारणा और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के कारण उन्होंने भारतीय इक्विटी में 8,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार यह निवेश हाल के महीनों में हुई लगातार निकासी के बाद आया है। एफपीआई ने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे।
एफपीआई ने कुल मिलाकर 2025 में भारतीय इक्विटी से शुद्ध 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। यह निकासी मुद्रा में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिकी शुल्क की चिंता और इक्विटी के ऊंचे मूल्यांकन के कारण हुई थी।
आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने इस महीने (छह फरवरी तक) 8,129 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रधान प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हालिया खरीदारी जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता और भारत के वृद्धि परिदृश्य में नए भरोसे को दर्शाती है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय