एफपीआई अगस्त में लगातार दूसरे माह रहे लिवाल, शेयर बाजार में 30,919 करोड रुपये डाले

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एफपीआई अगस्त में लगातार दूसरे माह रहे लिवाल, शेयर बाजार में 30,919 करोड रुपये डाले

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 11:28 AM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 11:28 AM IST

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भरोसा धीरे-धीरे लौटता दिखाई दे रहा है। एफपीआई ने अगस्त में भारतीय शेयरों में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी का सिलसिला लगातार दूसरे महीने जारी रहा। जुलाई में भी उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में 20,200 करोड़ रुपये डाले थे।

विदेशी निवेशकों की लगातार दो महीने की खरीदारी को बाजार में संभावित रुख बदलने का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले एफपीआई ने मार्च से जून तक भारतीय शेयर बाजार से भारी निकासी की थी। मार्च में उन्होंने 1,17,000 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये और जून में 49,340 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, फरवरी में एफपीआई लिवाल रहे थे और उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

हालांकि, वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में कुल मिलाकर 2,23,000 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। यह आंकड़ा पूरे वर्ष 2025 में दर्ज 1,66,000 करोड़ रुपये की निकासी से भी अधिक है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, भारत में एफपीआई निवेश बढ़ने के प्रमुख कारणों में चिप कारोबार में आया बदलाव, रुपये की स्थिरता और भारतीय कंपनियों के मुनाफे में सुधार शामिल हैं।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख, प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जून तिमाही में कंपनियों के वित्तीय नतीजों में सुधार के संकेत मिले हैं। इससे मुनाफे में सुस्ती को लेकर पहले बनी चिंताएं कुछ कम हुई हैं। इसके अलावा आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और ऋण वृद्धि में सुधार ने भी भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

वल्लम कैपिटल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और पोर्टफोलियो प्रबंधक मनीष भंडारी ने कहा कि नकदी बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी उनके बढ़ते भरोसे का संकेत देती है, लेकिन वायदा बाजार में अब भी सतर्कता बनी हुई है।

आगे विदेशी निवेशकों की नजर ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान संबंधों से जुड़े घटनाक्रम पर रहेगी।

ऋण या बॉन्ड बाजार में भी निवेशकों का भरोसा कायम है। अगस्त में उन्होंने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के जरिये बॉन्ड बाजार में 627 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) के जरिये 289 करोड़ रुपये डाले हैं। हालांकि, सामान्य मार्ग से उन्होंने 2,318 करोड़ रुपये की निकासी की है।

भाषा अजय अजय

अजय