एफपीआई ने सितंबर में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 13,138 करोड़ रुपये निकाले

एफपीआई ने सितंबर में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 13,138 करोड़ रुपये निकाले

एफपीआई ने सितंबर में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 13,138 करोड़ रुपये निकाले
Modified Date: September 13, 2026 / 11:09 am IST
Published Date: September 13, 2026 11:09 am IST

नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और मजबूत होते डॉलर के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर के पहले दो सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार से 13,138 करोड़ रुपये निकाले हैं।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लि. (सीडीएसएल) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले जुलाई और अगस्त में एफपीआई भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदार रहे थे। जुलाई में उन्होंने 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 29,630 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि, मार्च से जून तक लगातार चार माह तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में बिकवाली की थी।

सितंबर में हुई ताजा बिकवाली के साथ 2026 में अबतक भारतीय शेयर बाजार से एफपीआई की कुल निकासी बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह आंकड़ा पूरे 2025 में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से भी काफी अधिक है।

एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने 11 सितंबर तक भारतीय शेयरों से 13,138 करोड़ रुपये की निकासी की है।

निवेश मंच ट्रैक के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वेदांत गुप्ते ने कहा कि सितंबर में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का प्रमुख कारण घरेलू परिस्थितियां नहीं, बल्कि वैश्विक घटनाक्रम हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के दौर में उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी का बाहर निकलना स्वाभाविक है।

इस बीच, भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को बढ़कर 109.97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण मौद्रिक नीति सख्त हो सकती है, जिससे बॉण्ड प्रतिफल और बढ़ने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉण्ड पर प्रतिफल पांच प्रतिशत के स्तर तक पहुंचता है, तो वैश्विक शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर अधिक रिटर्न देने वाले बॉण्ड में निवेश कर सकते हैं।

विदेशी निवेशकों ने इस दौरान भारतीय ऋण या बॉण्ड बाजार में भी बिकवाली की। उन्होंने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के जरिये 1,350 करोड़ रुपये और सामान्य मार्ग से 955 करोड़ रुपये निकाले, जबकि स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) के तहत 29 करोड़ रुपये का निवेश किया।

भाषा अजय अजय

अजय


लेखक के बारे में