चार माह की बिकवाली के बाद जुलाई में अबतक एफपीआई ने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये डाले

चार माह की बिकवाली के बाद जुलाई में अबतक एफपीआई ने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये डाले

चार माह की बिकवाली के बाद जुलाई में अबतक एफपीआई ने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये डाले
Modified Date: July 12, 2026 / 11:24 am IST
Published Date: July 12, 2026 11:24 am IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने लगातार चार महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में अबतक भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले जून में एफपीआई ने 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था।

हालांकि, जुलाई में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध निवेश किया है, लेकिन वर्ष 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से काफी अधिक है।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जुलाई में निवेश की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, इस महीने की शुरुआत में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का परिणाम है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी तथा दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में एफपीआई की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है।

हालांकि, श्रीवास्तव ने आगाह किया कि जुलाई में निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे एफपीआई निवेश का रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

इस बीच, ऋण या बॉन्ड बाजार में भी विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में एफपीआई ने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के तहत ऋण प्रतिभूतियों में 6,625 करोड़ रुपये तथा सामान्य मार्ग से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

भाषा अजय अजय

अजय


लेखक के बारे में