खाद्य शुद्धता सुनिश्चित करने को नियामक निकायों को चौकन्ना रहने की जरूत: एफएसएसएआई अध्यक्ष

Ads

खाद्य शुद्धता सुनिश्चित करने को नियामक निकायों को चौकन्ना रहने की जरूत: एफएसएसएआई अध्यक्ष

  •  
  • Publish Date - April 21, 2021 / 03:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:56 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) की अध्यक्ष, रीता तेवतिया ने कहा कि नियामकीय निकायों को खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मसाले और भोज्य जड़ी-बूटियों पर कोडेक्स समिति (सीसीएससीएच) के 20 अप्रैल को पांचवें सत्र का उद्घाटन करते हुए, तेवतिया ने अपने अधिक मूल्य के कारण वैकल्पिक वस्तुओं के जरिये मसालों के विवेकहीन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले मिलावट के जोखिमों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह आर्थिक मकसद से प्रेरित मिलावट एक बड़ा कदाचार है और हमें अधिक चौकस होने की आवश्यकता है, विशेषकर नियामकीय क्षेत्र में इस तरह के तौर तरीकों से बचने के लिए बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।’’

यह महत्वपूर्ण है कि वैश्विक व्यापार में मसालों के उत्पादों के लिए कोडेक्स मानकों का सामंजस्य हो और यह एक ऐसा काम है जिसे दुनिया भर में व्यापार किए जा रहे मसालों और घरेलू इस्तेमाल वाले जड़ी बूटियों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘नियामक निकायों को खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।’’

इस सत्र में 50 देशों के लगभग 300 विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कोडेक्स एलेमेंट्रियस आयोग के अध्यक्ष गुइलहर्मे दा कोस्टा जूनियर ने कहा कि कोडेक्स मानकों को विकसित करना और उनका प्रसार करना आवश्यक है ताकि हर जगह, हर किसी के लिए भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

वर्ष 1963 में स्थापित, कोडेक्स एलेमेंट्रिस आयोग (सीएसी) संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक अंतर-सरकारी निकाय है, जो स्वास्थ्य की रक्षा के लिए संयुक्त खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के ढांचे के भीतर है। यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य व्यापार में उचित व्यवहार को सुनिश्चित करता हैं।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर