गेल, आरसीएफ ने महाराष्ट्र में गैस-आधारित यूरिया संयंत्र लगाने के लिए समझौता किया

गेल, आरसीएफ ने महाराष्ट्र में गैस-आधारित यूरिया संयंत्र लगाने के लिए समझौता किया

गेल, आरसीएफ ने महाराष्ट्र में गैस-आधारित यूरिया संयंत्र लगाने के लिए समझौता किया
Modified Date: July 29, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: July 29, 2026 9:42 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड और राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (आरसीएफ) ने महाराष्ट्र में एक विशेष इकाई (एसपीवी) के जरिये संयुक्त रूप से गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों कंपनियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

प्रस्तावित संयंत्र, जिसकी यूरिया उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन सालाना होगी, विदर्भ क्षेत्र में गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के पास स्थित होगा।

इस समझौते के तहत, गेल और आरसीएफ इस परियोजना को शुरुआती अवधारणा से लेकर उसे लागू करने तक मिलकर काम करेंगी।

गेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दीपक गुप्ता ने कहा, ‘‘प्रस्तावित उर्वरक परियोजना प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल से लंबे समय का मूल्य बनाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों में योगदान देने की कंपनी की रणनीति के अनुरूप है। हमें आरसीएफ के साथ साझेदारी करने में खुशी है, जो इस क्षेत्र में साबित विशेषज्ञता वाली एक प्रमुख उर्वरक कंपनी है। यह सहयोग प्राकृतिक गैस मूल्य श्रृंखला में गेल की ताकत और उर्वरक बनाने व परियोजना को पूरा करने में आरसीएफ के समृद्ध अनुभव को एक साथ लाता है। इसके अलावा, गेल और आरसीएफ के बीच यह साझेदारी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में सरकार की हाल ही में मंजूर की गई यूरिया-2026 के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति (एनआईपीयू-2026) के अनुरूप है।’’

आरसीएफ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस. शिवकुमार ने कहा, ‘‘आरसीएफ को महाराष्ट्र में गैस पर आधारित इस अहम उर्वरक परियोजना के विकास के लिए गेल के साथ मिलकर काम करने में खुशी है। इस प्रस्तावित परियोजना से देश में उर्वरक की बढ़ती मांग को पूरा करने, आयात पर निर्भरता कम करने और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

उर्वरक संयंत्र चलाने, परियोजना विकास और विपणन में आरसीएफ के बड़े अनुभव और गेल के मजबूत गैस बुनियादी ढांचे और ऊर्जा के क्षेत्र में विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके, यह साझेदारी एक विश्व स्तरीय उर्वरक सुविधा केंद्र बनाने की क्षमता रखती है।’’

इस समझौते पर गेल के कार्यकारी निदेशक (व्यवसाय विकास और स्टार्ट-अप) संजय अग्रवाल और आरसीएफ की कार्यकारी निदेशक (परियोजना, कॉरपोरेट और सहयोग) ज्योति पाटिल ने दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।

आरसीएफ देश की प्रमुख उर्वरक कंपनियों में से एक है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का यूरिया उत्पादन वर्ष 2025-26 में घटकर 293.26 लाख टन रह गया, जो पिछले साल 306.67 लाख टन था। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पिछले वित्त वर्ष में देश का यूरिया आयात 83 प्रतिशत बढ़कर 103.50 लाख टन हो गया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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