गैस, पेट्रोरसायन और स्वच्छ ऊर्जा कारोबार का बड़े स्तर पर विस्तार करेगी गेल : चेयरमैन

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गैस, पेट्रोरसायन और स्वच्छ ऊर्जा कारोबार का बड़े स्तर पर विस्तार करेगी गेल : चेयरमैन

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 01:57 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 01:57 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने, एलएनजी की खरीद और जहाजरानी में विविधता लाने, पेट्रोरसायन तथा एलपीजी बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में निवेश करने की योजना बना रही है।

कंपनी के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने बृहस्पतिवार को गेल की 42वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल ने ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन की ओर वैश्विक बदलाव के बीच संतुलन बनाने के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा अब ऊर्जा बदलाव जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।’’

गुप्ता ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये एलएनजी आपूर्ति शृंखला में आए व्यवधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों की कमजोरियों को उजागर किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘एलएनजी कीमतों, माल ढुलाई दरों और आपूर्ति उपलब्धता में आई अस्थिरता ने विविध स्रोतों से खरीद, मजबूत बुनियादी ढांचे और लचीली आपूर्ति शृंखलाओं की जरूरत को रेखांकित किया।’’

चेयरमैन ने कहा कि इसी दौरान स्वच्छ ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव भी लगातार जारी रहा और नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण तथा कम कार्बन वाली प्रौद्योगिकियों में लगातार निवेश हुआ।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस अपनी लचीली प्रकृति एवं कम कार्बन उत्सर्जन के कारण ऊर्जा बदलाव में भूमिका निभाती रहेगी।

गुप्ता ने कहा कि देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस पारेषण प्रणाली वाली गेल का पाइपलाइन नेटवर्क बढ़कर 18,690 किलोमीटर से अधिक हो गया है, जबकि 1,500 किलोमीटर की अन्य पाइपलाइन का निर्माण जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नेटवर्क करीब 20,000 किलोमीटर का हो जाएगा।

गेल अपने एलपीजी पारेषण कारोबार का भी विस्तार कर रही है। कंपनी 1,427 किलोमीटर लंबी जामनगर-लोनी एलपीजी पाइपलाइन की क्षमता 3.25 एमएमटीपीए से दोगुनी कर 6.5 एमएमटीपीए कर रही है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने गेल को करीब 1,775 किलोमीटर की संयुक्त लंबाई वाली तीन एलपीजी पाइपलाइन विकसित करने की भी मंजूरी दी है।

पेट्रोरसायन क्षेत्र में गेल ने पाटा में सालाना 60,000 टन क्षमता वाली पॉलीप्रोपिलीन इकाई शुरू की है। इससे एकीकृत परिसर की क्षमता 8.10 लाख टन से बढ़कर 8.70 लाख टन हो गई है।

कंपनी उसार में सालाना पांच लाख टन क्षमता वाली प्रोपेन डीहाइड्रोजनेशन-पॉलीप्रोपिलीन परियोजना पर भी काम कर रही है। इस परियोजना पर करीब 11,256 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।

गुप्ता ने इसे भारत का पहला पीडीएच आधारित पॉलीप्रोपिलीन परिसर बताया।

मैंगलोर में 12.5 लाख टन सालाना क्षमता वाले शुद्ध टेरेफ्थेलिक एसिड (पीटीए) संयंत्र का काम भी आगे बढ़ रहा है। इससे गेल एक और पेट्रोरसायन मूल्य शृंखला में प्रवेश करेगी।

गेल बड़े पैमाने पर गैस आधारित उर्वरक विनिर्माण क्षेत्र में भी प्रवेश कर रही है। कंपनी के निदेशक मंडल ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में दो उर्वरक संयंत्रों में निवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। दोनों संयंत्रों में कुल करीब 21,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

इन परियोजनाओं से प्राकृतिक गैस की अतिरिक्त मांग पैदा होने और क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है। साथ ही, ये भारत की खाद्य सुरक्षा संबंधी जरूरतों में भी योगदान देंगी।

उन्होंने कहा कि गेल ने अपनी जहाजरानी क्षमता का भी विस्तार किया है। कंपनी ने 1.80 लाख घन मीटर क्षमता वाले ‘गेल भुवन’ और 1.74 लाख घन मीटर क्षमता वाले ‘एनर्जी फिडेलिटी’ के लिए दीर्घकालिक चार्टर समझौते किए हैं।

गेल अपने विदेशी कारोबार का भी विस्तार कर रही है। गेल ग्लोबल (यूएसए) एलएनजी एलएलसी अमेरिका से कंपनी की एलएनजी खरीद और द्रवीकरण खंड को समर्थन देती है, जबकि गेल ग्लोबल (सिंगापुर) पीटीई लिमिटेड एलएनजी कारोबार और अंतरराष्ट्रीय कारोबार विकसित कर रही है।

कंपनी ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी में गेल ग्लोबल आईएफएससी लिमिटेड की भी स्थापना की है, जो कोष प्रबंधन में मदद करने के साथ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं और जहाज लीजिंग के अवसर तलाशेगी।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा