(Chandra Grahan 2026/ Image Credit: AI-generated)
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण शुक्रवार 28 अगस्त (Chandra Grahan 2026) को लगेगा। खास बात यह है कि इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार इसका आंशिक चरण सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा। जबकि ग्रहण करीब 9:43 बजे चरण पर होगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के बाद स्नान, पूजा और दान करना शुभ माना जाता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद गेहूं, चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान किया जा सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी अच्छा माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, अन्न जीवन की सबसे जरूरी चीजों में शामिल है। इसलिए किसी भूखे या गरीब व्यक्ति को भोजन देना पुण्यकारी माना जाता है।
चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से माना जाता है। इसी वजह से चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) के बाद चावल, दूध, सफेद कपड़े या अन्य सफेद चीजों का दान करने की परंपरा है। ज्योतिषीय मान्यता में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़ा जाता है। इसलिए सफेद वस्तुओं का दान मानसिक शांति और चंद्रमा से जुड़ी शुभता के लिए किया जाता है।
ग्रहण के बाद (Chandra Grahan 2026) साफ और उपयोग करने योग्य कपड़े किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा तिल का दान भी धार्मिक परंपराओं में खास महत्व रखता है। काले या सफेद तिल का दान करने की मान्यता कई जगहों पर प्रचलित है। पूजा-पाठ में भी तिल का इस्तेमाल किया जाता है और इसे नकारात्मकता दूर करने वाला माना जाता है। ग्रहण के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को धन देना या भोजन कराना भी बहुत शुभ माना जाता है। इसमें भोजन का दान सबसे सरल और उपयोगी तरीका हो सकता है।